देवभूमि में शनिदेव का वो मंदिर, जो लकड़ी के पत्थरों से बना, यहां की कार्तिक पूर्णिमा बेहद खास है (Shanidev temple in uttarakhand )
Connect with us
Uttarakhand Govt Corona Awareness
Image: Shanidev temple in uttarakhand

देवभूमि में शनिदेव का वो मंदिर, जो लकड़ी के पत्थरों से बना, यहां की कार्तिक पूर्णिमा बेहद खास है

देवभूमि में शनिदेव का वो मंदिर, जो लकड़ी के पत्थरों से बना, यहां की कार्तिक पूर्णिमा बेहद खास है

उत्तराखंड य़ानी देवभूमि। एक ऐसी जगह जहां देवता निवास करते हैं। जहां हर कदम पर आपको ऐसे ऐसे चमत्कार दिखेंगे, जो हैरान करते हैं। यूं तो आपने उत्तराखंड में कई शैलियों में बने और कई कलाकृतियों को संजोए मंदिर देखे होंगे। लेकिन आज हम जिस मंदिर के बारे में आपको बताने जा रहे हैं, वो जरा अलग है और शैली के मालले में भी हटकर है। ये मंदिर खरसाली में मौजूद है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में पड़ता है खरसाली। यहां मां यमुना का शीतकालीन प्रवास होता है। कहा जाता है कि शनि न्याय के देवता होते हैं। हर किसी के जीवन में जो भी पाप होते हैं, उन पापों का प्रायश्चित भी इसी जीवन में करना होता है। कहा जाता है कि शनिदेव न्यायाधीश हैं, जो हर कर्म का हिसाब करते हैं। शनिदेव को यमराज का पुत्र कहा जाता है।

यह भी पढें - देवभूमि का वो धाम.. जहां फेसबुक, एप्पल के मालिकों ने सिर झुकाया, तो बदल गई किस्मत
यह भी पढें - देवभूमि में फिर जाग उठे न्याय के देवता, 150 साल बाद इस गांव में तैयारियां शुरू
इंसान अपनी और दुनिया की नजरों से बच सकता है, लेकिन शनिदेव की नजरों से नहीं बच सकता। खरसाली में स्थित मंदिर का अपना अलग ही महत्व है। यहां अखंड ज्योति मौजूद है। कहा जाता है कि इस अखंड ज्योति के दर्शन मात्र से ही जीवन के सारे दुख दूर हो जाते हैं। खरसाली में ही मां यमुना अपने शीतकाली प्रवास के लिए आती है और खास बात ये ही खरसाली में मां यमुना के भाई शनिदेव भी मौजूद हैं। खास बात ये है कि ये मंदिर लकड़ी के पत्थरों से तैयार किया गया है। इसकी कलाकृति बेहद ही प्राचीन है। यमनोत्री धाम से 5 किलोमीटर पहले ये मंदिर पड़ता है। हर साल यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते रहते हैं। यहां शनि देव 12 महीने विराजमान रहते हैं।

यह भी पढें - उत्तराखंड की मां पूर्णागिरी, 108 सिद्पीठों में एक, यहां रात भर रुकता था शेर
यह भी पढें - उत्तराखंड का पांचवा धाम, नाग देवता का घर, नागवंशियों का गढ़
हालांकि इस मंदिर के निर्माण की सटीक जानकारी यहां के स्थानीय लोगों के पास भी नहीं है। लेकिन कुछ इतिहासकार कहते हैं कि ये मंंदिर पांडवकाली है। अब एक और खास बात ये है कि साल में एक बार यहां चमत्कार होता है। एक दिन यहां शनि देव के मंदिर के ऊपर रखे घड़े खुद बदल जाते है। ये कैसे होता है, इस बारे में अब तक लोगों को कोई जानकारी नहीं है। ये दिन भी बेहद खास होता है। कहा जाता है कि यहां कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही ऐसा होता है। ये क्यों होता है, कैसे होता है, इस बारे में अभी तक किसी को सही ढंग से जानकारी नहीं है। लेकिन इतना जरूर है कि ये जगह चमत्कारों से भरी पड़ी है। यहां की अखंड ज्योति के दर्शन करने से ही शनि की बाधा दूर हो जाती है। खरसाली में मौजूद इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यहां मनुष्य के हार पाप को हिसाब होता है।

Loading...

Latest Uttarakhand News Articles

वीडियो : उत्तराखंड का अमृत: किलमोड़ा
वीडियो : उत्तराखंड में मौजूद है परीलोक...जानिए खैंट पर्वत के रहस्य
वीडियो : DM स्वाति भदौरिया से खास बातचीत

उत्तराखंड की ट्रेंडिंग खबरें

वायरल वीडियो

इमेज गैलरी

SEARCH

पढ़िये... उत्तराखंड की सत्ता से जुड़ी हर खबर, संस्कृति से जुड़ी हर बात और रिवाजों से जुड़े सभी पहलू.. rajyasameeksha.com पर।


Copyright © 2017-2020 राज्य समीक्षा.

To Top