Video: देवभूमि की विरासत है, जिसके बारे में युवाओं का जानना जरूरी है (Bipin thapliyal launched video about kartik swamy )
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Image: Bipin thapliyal launched video about kartik swamy

Video: देवभूमि की विरासत है, जिसके बारे में युवाओं का जानना जरूरी है

Video: देवभूमि की विरासत है, जिसके बारे में युवाओं का जानना जरूरी है

उत्तराखंड में कुछ युवा ऐसे हैं, जो देवभूमि की संस्कृति और पंरपरा को संजोने का काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में बिपिन थपलियाल भी हैं। बिपिन थपलियाल उत्तराखंड की परंपरा, यहां के मंदिरों, यहां की सांस्कृतिक विरासतों को वीडियो के माध्यम से खूबसूरती से पेश कर रहे हैं और इन्हें दुनिया तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। इस बीच बिपिन ने उत्तराखंड के कार्तिक स्वामी मंदिर पर एक खूबसूरत वीडियो तैयार किया है। कार्तिक स्वामी को लेकर एक बहुत की पवित्र कहानी है, जो कि हमारे शास्त्रों और पुराणों में है। कहा जाता है कि एक बार भगवान शिव ने अपने दोनों पुत्रों गणपति और कार्तिकेय से एक बात कही थी। महादेव ने कहा था जो पुत्र पूरे ब्रह्मांड के सात चक्कर लगाकर पहले आएगा, वो ही देवताओं में सबसे पहले पूजा जाएगा।

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भगवान कार्तिकेय तो मयूर पर सवार होकर ब्रह्मांड का चक्कर लगाने के लिए चल पड़े। लेकिन भगवान गणेश थोड़ा चतुर थे। भगवान गणेश ने ब्रह्मांड के चक्कर लगाने के बजाय माता-पिता यानी भगवान शंकर और माता पार्वती के चक्कर लगा दिए। इस तरह से गणपति ने ये प्रतियोगिता जीत ली। जब भगवान कार्तिकेय ब्रह्मांड के सात चक्कर लगाकर वापस आए तो देखा कि उनके स्थान पर भगवान गणेश की ही पूजा हो रही है। इससे कार्तिकेय क्रोधित हो गए। उस वक्त उन्होंने अपने शरीर की हड्डियाँ अपने पिता दी और अपने शरीर मांस अपनी माता पार्वती को दे दिया। इसके बाद भगवान कार्तिकेय सब कुछ त्याग कर क्रोंच पर्वत पर चले गए। ये क्रोंच पर्वत उत्तराखंड में ही मौजूद है। यहीं भगवान कार्तिकेय को समर्पित कार्तिक स्वामी मंदिर है।

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कहा जाता है कि इस मंदिर में भगवान कार्तिकेय की अस्थियां अभी भी मंदिर में मौजूद हैं जिन्हें हज़ारों भक्त पूजते हैं। इसके साथ ही यहां एक छोटा सा भूमिगत जल कुंड है जो एक प्राकृतिक धारा के साथ हमेशा भरा रहता है। इस बीच बिपिन ने एक खूबसूरत वीडियो के माध्यम से लोगों तक पहाड़ों का संदेश पहुंचाने का काम किया है। आप बी ये खूबसूरत वीडियो देखिए।

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