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Image: Last post office in india china border of uttarakhand

उत्तराखंड में भारत-चीन सीमा पर आखिरी डाकघर, जहां सुपरहिट बॉलीवुड फिल्म की शूटिंग हुई थी

उत्तराखंड में भारत-चीन सीमा पर आखिरी डाकघर, जहां सुपरहिट बॉलीवुड फिल्म की शूटिंग हुई थी

क्या आप जानते हैं कि भारत-चीन सीमा पर बना आखिरी डाकघर कहां है ? इस बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं। खास बात ये है कि भारत की आखिरी चाय की दुकान की तरह ये भी भारत-चीन सीमा पर मौजूद है। यहां बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म राम तेरी गंगा मैली की शूटिंग भी हुई थी। उत्तराखंड की हर्षिल घाटी हमेशा से ही देश और दुनिया के सैलानियों के लिए स्वर्ग के समान रही है। हर साल यहां लाखों की संख्या में सैलानी घूमने आते हैं, प्रकृति का आनंद लेते हैं और उन यादों को अपने साथ लेकर चले जाते हैं। इस बीच हर्षिल में बने डाकखाने की अपनी एक अलग ही कहानी है। इसका इतिहास भी बेहद ही खूबसूरत रहा है। इस बारे में जानिए 80 के दशक में बनी फिल्म राम तेरी गंगा मैली फिल्म आई थी। इस फिल्म के कई सीन ओर गानों की सूटिंग हर्षिल में हुई थी। इस जगह का खास आकर्षण उस जमाने में बना डाकखाना का है।

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इस डाक घर के इर्दगिर्द इस फिल्म के कई सीन फिल्माये गए थे। भारत और चीन की सीमा पर बना ये डाक घर आज भी सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र है। ये अंतिम डाक घर हर्षिल के खूबसूरत नजारों, बर्फीले पहाड़ों और झरनों की वजह से रातों रात सुर्खियों में आया था। इस फिल्म के साथ ही हमेशा के लिए हर्षिल का ये ऐतिहासिक डाक घर इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया था। उस वक्त से लेकर आज तक यहां जो भी सैलानी आते हैं, इस डाक घर के सामने फोटो खिंचवाना नहीं भूलते। चीन की सीमा से लगे हर्षिल में आज भी बुनियादी सुविधाओं की जरूरत है। हर्षिल के इस इकलौते पोस्ट ऑफिस में आज भी ऑफ लाइन तरीकों से काम होता है। करीब 1960 के दशक में इस डाक घर को खोला गया था। ये कार्यालय सेना और दूरदराज के गांवों के लिए डाक सेवाओं का एकमात्र साधन रहा है। हर्षिल के डाक घर की गाड़ी कभी भटवाड़ी से आगे नहीं जाती।

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यहां डाक रनर को डाक लेने देने के लिए 45 किमी का सफर तय करना पड़ता है। यहां के पोस्टमैन को भी सीमांत गांवों तक चलकर जाना होता है। सामरिक और पर्यटक के लिहाज से डाक घर का बहुत महत्व है। हालांकि गंगोत्री में भी एक अस्थाई डाक घर है, लेकिन वो सर्दियों में बंद हो जाता है। इस डाक घर को देखने के लिए कई पर्यटक भी यहां पहुंचते हैं। यहां के स्थानीय लोगों की मांग है कि ये डाक घर एक धरोहर है, इसका संरक्षण जिला प्रशासन द्वारा होना चाहिए। जिससे इसको और आकर्षित बनाया जा सके। ज्यादा से ज्यादा पर्यटक इसका दीदार कर सके। कुल मिलाकर कहें तो ये डाकघर आज भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। बॉलीवुड फिल्म राम तेरी गंगा मैली इसकी यादें समेटे हुए है। वैसे उत्तराखंड में भारत-चीन सीमा पर बदरीनाथ के पास देश की आखिरी चाय की दुकान भी है, जो काफी मशहूर है।

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