Connect with us
Image: Rajinikanth’s special attachment with pandavkholi cave of uttarakhand

Video: उत्तराखंड का वो दिव्य धाम, जिसकी कृपा से रजनीकांत बने फिल्मी दुनिया का मेगास्टार

Video: उत्तराखंड का वो दिव्य धाम, जिसकी कृपा से रजनीकांत बने फिल्मी दुनिया का मेगास्टार

मेगास्टार रजनीकांत...इस नाम को आज पहचान की जरूरत नहीं है। ये बात सच है कि रजनी के फैंस के लिए वो भगवान से कम नहीं। देखा जाता है कि जब भी देश के बड़े शहरों में रजनी कांत की कोई फिल्म रिलीज होती है, तो सिनेमाघर के बाहर उनके दीवानों का हुजूम उमड़ जाता है। अपनी एक्टिंग से ज्यादा रजनी कांत ने अपने स्वभाव की वजह से लोगों के दिलों में जगह बनाई। जिन रजनी कांत को उनके फैंस भगवान की तरह पूजते हैं, वो रजनी कांत उत्तराखंड की दैवीय शक्ति पर पूरा भरोसा करते हैं। कुमाऊं के अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट में बीते दिनों रजनी कांत आए तो दुनिया के सामने इस अनजान जगह को लाकर रख दिया। दुनिया भर के लोग ये सोचने को मजबूर हैं कि आखिर इन पहाड़ों में ऐसा क्या है कि रजनी कांत पैदल ही यहां चल पड़े। ये कहानी साल 2000 से शुरू होती है। इस दौर में इस मेगास्टार की हर फिल्म फ्लॉप होती जा रही थी।

यह भी पढें - Video: फिलहाल उत्तराखंड में ही रहेंगे रजनीकांत, यहां खुश हैं...अपने पहाड़ी दोस्त से मिलेंगे
यह भी पढें - उत्तराखंड पहुंचे सुपरस्टार रजनीकांत, देवभूमि की दैवीय शक्ति के बारे में बताई बड़ी बातें
कहा जाता है कि उसी दौरान वो द्वाराहाट में बने परमहंस योगानंद आश्रम गए। यहां वो संतों की शरण में आए थे। हालांकि खुद रजनी कांत भी नहीं जानते थे कि यहां संतो को मिलने के बाद उनकी जिंदगी में चमत्कारिक बदलाव आएंगे। परमहंस योगानंद आश्रम में रजनी कांत के गुरु रहते हैं। उनके गुरु उन्हें आश्रम से कुछ दूर बनी पांडवखोली गुफा में ले गए थे। यहां आकर उनके गुरु ने रजनी कांत के विचलित मन को शांत करने की कोशिश की। उन्होंने रजनी कांत से इस गुफा में ध्यान लगाने को कहा था। खुद रजनी कांत बताते हैं कि जब वो इस गुफा में ध्यान लगाने बैठे तो उन्हें अद्भुत शक्ति का अहसास हुआ था। इस अद्भुत शक्ति के बारे में रजनी कांत ने आश्रम के संतों को जानकारी दी और इसके बाद वो चेन्नई लौट आए थे। वो वापस लौटे तो उनकी एक के बाद एक फिल्में हिट होने लगी थीं।

यह भी पढें - उत्तराखंड में अपनी बाकी जिंदगी बिताएंगे शक्ति कपूर, इसलिए श्रद्धा कपूर पहाड़ों में खुश हैं !
यह भी पढें - पहाड़ी Rocks: ’बल’ शाहिद कपूर और श्रद्धा कपूर भी ’बल’ लगाने लग गए, देवभूमि को प्रणाम
साल 2005 में चंद्रमुखी फिल्म, 2007 में शिवाजी, 2011 में रोबोट, 2014 में लिंगा और 2016 में कबाली फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा खासा कलेक्शन किया था। रजनी कांत सुपरस्टार तो हैं, लेकिन ये बात भी सच है कि उनकी अंतरआत्मा परमहंस आश्रम में ही बस गई। ये ही वो वजह थी कि वो दोबारा यहां आए। सिर्फ रजनी कांत अकेले नहीं हैं। उनके दोस्त बीएस हरि ने इस आश्रम के बगल में ही घर बना लिया है। इस बार उनके लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था भी थी, लेकिन रजनी कांत इस आश्रम तक पैदल ही गए। रजनीकांत ने हाल ही में बताया था कि उन्होंने खुद महावतार बाबा (लहड़ी) के दर्शन किए। इस वजह से वो यहां योग और ध्यान लगाने आते हैं। पांडवखोली गुफा के बारे में जनश्रुति है कि यहां 200 साल पहले आध्यात्म के ज्ञानी कहे जाने वाले महावतार बाबा (लहड़ी) का निवास था। उन्हें आध्यात्म में महारत हासिल था। जो लोग इस गुफा में जाते हैं वो भी कहते हैं यहां एक अद्भुत शक्ति है। आप भी ईटीवी द्वारा तैयार किया गया ये वीडियो देखिए।

YouTube चैनल सब्सक्राइब करें -

Latest Uttarakhand News Articles

वीडियो : उत्तराखंड में मौजूद है परीलोक...जानिए खैंट पर्वत के रहस्य
वीडियो : श्री बदरीनाथ धाम से जुड़े अनसुने रहस्य
वीडियो : खूबसूरत उत्तराखंड : स्वर्गारोहिणी
Loading...

उत्तराखंड की ट्रेंडिंग खबरें

वायरल वीडियो

इमेज गैलरी

Trending

SEARCH

To Top