ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल नेटवर्क को मिली स्पीड, पहाड़ों में भी काम शुरू...मिल गई मंजूरी (char dham rail network work in progress in uttarakhand)
Connect with us
Image: char dham rail network work in progress in uttarakhand

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल नेटवर्क को मिली स्पीड, पहाड़ों में भी काम शुरू...मिल गई मंजूरी

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल नेटवर्क को मिली स्पीड, पहाड़ों में भी काम शुरू...मिल गई मंजूरी

देशभर को इस परियोजना का इंतजार है। माना जा रहा है कि 2024 तक अब ये काम पूरा हो सकेगा। जी हां हम बात कर रहे हैं चार धाम रेल नेटवर्क की। जल्द ही आपको इस बहुप्रतीक्षित रेल परियोजना का काम पहाड़ों में भी नजर आएगा। इस परियोजना के दूसरे चरण के लिए वन एवं पर्यावरण मंत्रालय द्वारा मंजूरी मिल गई है। पीएम मोदी की नजरें इस काम पर टिकी हैं। इस रेलमार्ग को तैयार करने में कुल लागत 16216.31 करोड़ रुपये आनी है। इस रेल लाइन की लंबाई कुल मिलाकर 126 किलोमीटर होगी। इस रेल लाइन पर 18 सुरंगें और 16 पुल तैयार होने हैं। रेल मार्ग पर सबसे बड़ी सुरंग करीब सवा 15 किलोमीटर लंबी होगी। इसके अलावा सबसे छोटी सुरंग 220 मीटर लंबी होगी। जो सुरंग 6 किलोमीटर से लंबी होगी, उसमें एक निकासी टनल भी बनाई जाएगी। इस रेल मार्ग पर बनने वाली हर सुरंग की चौड़ाई आठ गुणा दस डाईमीटर की होगी।

यह भी पढें - उत्तराखंड में बनेगा पहला इंटरनेशनल एयरपोर्ट, 2 मिनट में जानिए इसकी हाईटेक खूबियां
इसके साथ ही सुरंगों के भीतर लाइट और वेंटिलेशन की भी पूरी व्यवस्था होगी। इस रेल नेटवर्क का सिर्फ 26 किलोमीटर हिस्सा ही बाहर होगा। बाकी 105 किमी का रेलवे ट्रैक सुरेंगों से होकर गुजरेगा। ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक कुल मिलाकर 16 रेलवे स्टेशन होंगे। फिलहाल ऋषिकेश से कर्णप्रयाग पहुंचने में करीब 7 घंटे का वक्त लगता है। लेकिन इस रेल लाइन के बनने के बाद ये दूरी सिर्फ ढाई घंटे में ही पूरी होगी। अब दो चरण की मंजूरी मिलने के बाद पीएम मोदी भी इस ड्रीम प्रोजक्ट को लेकर काफी उत्साहित हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि साल 2002 से 2024 के बीच ये रेलवे ट्रैक जनता को सौंप दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि भूमि हस्तांतरण के बाद रेल विकास निगम लिमिटेड ने कार्यों को तेजी देनी शुरू कर दी है। खास बात ये है कि इस परियोजना पर खुद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नज़रें टिकी हैं।

यह भी पढें - चार धाम रेल नेटवर्क से जुड़ी खुशखबरी, 2024 का लक्ष्य तय, रेलवे सुरंग बनाएगी रिकॉर्ड
ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक रेल टनल, पुल और स्टेशन के निर्माण का काम जल्द ही धरातल पर दिखने लगेगा। RVNL ने इसके लिए दो चरणों में मंजूरी मांगी थी। पहले चरण में दून वन प्रभाग से भूमि हस्तांतरण की अनुमति शामिल थी। दूसरे फेज़ में ऋषिकेश से आगे पौड़ी, टिहरी,रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों से वन भूमि हस्तांतरण की अनुमति शामिल थी। देहरादून वन प्रभाग में रेल विकास निगम ने काम भी शुरू कर दिया था। इसके साथ ही ऋषिकेश में श्यामपुर बाईपास मार्ग पर रोड अंडर ब्रिज आकार लेने लगा है। बताया जा रहा है कि निगम को कुल 500.5996 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरित की गई है। इस स्वीकृति के बाद आगे के कामों के लिए टेंडरिंग की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब जानिए कि आखिर कैसे ये हाईटेक परियोजना आकार लेगी। ऋषिकेश से कर्णप्रयाग रेल लाइन पर कुल मिलाकर 18 टनल तैयार होंगी। सुरंगों के निर्माण से पहले एप्रोच रोड बनाई जानी हैं। इसके लिए टेंडर भी पूरी हो गई है।

Loading...
Donate Plasma Campaign of Uttarakhand Govt

Latest Uttarakhand News Articles

वीडियो : रुद्रप्रयाग के दो जाँबाज..अपने दम पर बचाई 50 लोगों की जान
वीडियो : शिव कैलाश के वासी.. केदारनाथ धाम के कपाट खुले
वीडियो : केदारनाथ मंदिर का ये रहस्य आपने नहीं सुना होगा

उत्तराखंड की ट्रेंडिंग खबरें

वायरल वीडियो

इमेज गैलरी

Uttarakhand CM Teerath Singh Rawat Apeal to Doctors in Uttarakhand

Trending

SEARCH

पढ़िये... उत्तराखंड की सत्ता से जुड़ी हर खबर, संस्कृति से जुड़ी हर बात और रिवाजों से जुड़े सभी पहलू.. rajyasameeksha.com पर।


Copyright © 2017-2021 राज्य समीक्षा.

To Top