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Image: Story of subedar kunwar singh presented by rj kavya

Video: चमोली जिले के रिटायर्ड फौजी को सलाम..पहले देश बचाया, फिर अपने गांव बचाए

Video: चमोली जिले के रिटायर्ड फौजी को सलाम..पहले देश बचाया, फिर अपने गांव बचाए

एक बार फिर से हम RED Fm और RJ काव्य के आभारी हैं। उनकी खोज लगातार जारी है इसी बदौलत हमें भी कुछ ऐसी कहानियां मिल जाती हैं, जिन्हें हम आप तक पहुंचा सकें। आप तक ये कहानियां पहुंचाने का मकसद सिर्फ एक ही है कि आप उस पहाड़ी को ना भूलें, जिसने आपके सपनों को पूरा करने के लिए अपने सपनों को फना कर दिया। उत्तराखंड राज्य का उदय ही जन आंदोलनों से निकलकर हुआ है। साल 2012 की ही बात है। उत्तराखंड के चमोली जिले के चौरासैण और भटक्वाली गांवों तक सड़क नहीं पहुची थी। जरूरी सुविधाओं और छोटे छोटे कामों के लिए इन गांवों के लोगों को लंबा सफर तय करना पड़ता था और इसलिए ये गांव खाली होने की कगार पर थे। सरकार के चक्कर लगा लगाकर इन गांवों के लोग थक चुके थे। 2012 में प्रधानमन्त्री ग्रामीण सडक योजना के तहत गांव के लिए 4 किमी सडक स्वीकृत हुई, लेकिन यहां एक पेंच फंस गया।

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सडक निर्माण में ज्यादा संख्या में पेड़ आने की वजह से सडक को वन विभाग से अनुमति नहीं मिली। गांव के लोग बेहद नाराज थे। इस बीच मैदान में आए भारतीय सेना से रिटायर्ड सूबेदार कुंवर सिंह। वो समझ चुके थे कि ये काम खुद ही करना पड़ेगा। ना जाने कितनी जंग लड़ चुके इ, रिटायर्ड फौजी ने खुद ही फावड़ा उठाया और चल पड़े सड़क तैयार करने के लिए। पहाड़ तोड़ना इतना आसान काम नहीं है। पहले ग्रामीणों ने देखा तो उन्हें विश्वास नहीं हुआ। लेकिन धीरे धीरे विश्वास भी जागा और हौसला भी बढ़ा। जब एक रिटायर्ड फौजी ने ये काम शुरू किया तो ग्रामीणों ने खुद ही सडक बनाने की ठान ली। आखिरकार अब 3 किलोमीटर की सड़क तैयार हो गई है और रिटायर्ड सूबेदार कुंवर सिंह जी का सपना मानों पूरा हो गया है। सडक किसी गांव के लिए विकास की पहली सीढी होती है। अगर इन गांवो तक सड़कें नहीं पहुंचती तो आज ये गांव आपको खाली मिलते।

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आम तौर पर हम ऐसी कहानियों को तलाशते है, जिनका सीधा सरोकार आपसे ही हो। खुशी इस बात की है कि उत्तराखंड के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा चुके RJ काव्य भी कुछ ऐसी ही कहानियां तलाशते हैं और इन कहानियों को नाम दिया है ‘एक पहाड़ी ऐसा भी’। बागेश्वर के इस लड़के को अपनी देवभूमि से उतना ही प्यार है, जितना एक बेटे को अपनी मां से। RJ काव्य द्वारा कहानियां पेश करने का अंदाज भी बड़ा निराला है। यकीन नहीं होता तो आप जरा ये वीडियो भी देख लीजिए।

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