उत्तराखंड चम्पावतstudents did not eat food cooked by Dalit cook In Champawat school

उत्तराखंड: छात्रों ने दलित कुक के हाथ से बना खाना नहीं खाया, स्कूल ने थमाई टीसी

Champawat के Sukhidang school में एक बार फिर dalit cook और savarna student का मामला गर्मा गया है।

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Image: students did not eat food cooked by Dalit cook In Champawat school (Source: Social Media)

चम्पावत: चंपावत के सूखीढांग क्षेत्र में स्थित जीआईसी एक बार फिर सुर्खियों में है।

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कुछ महीने पहले यहां बच्चों ने अनुसूचित जाति की भोजनमाता के हाथों से बना खाना खाने से मना कर दिया था। इस मामले ने खूब तूल पकड़ा, जमकर राजनीति भी हुई। अब यहां मिड डे मील को लेकर फिर विवाद शुरू हो गया है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक छठीं से आठवीं कक्षा के सात से दस बच्चे अनुसूचित जाति की भोजनमाता के हाथों बनाया खाना नहीं खा रहे हैं। आरोप है कि इन बच्चों ने जातिगत कारणों से भोजन का बहिष्कार कर दिया है। प्रधानाचार्य और कुछ शिक्षकों ने बच्चों को समझाने की कोशिश भी की, लेकिन बच्चे नहीं माने तो चेतावनी के तौर पर कुछ बच्चों की टीसी भी काटी गई। गुरुवार को मामला सुलझाने के लिए प्रिंसिपल प्रेम सिंह ने अभिभावकों की बैठक भी बुलाई थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। आगे पढ़िए

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प्रिंसिपल के मुताबिक कुछ दिनों से सात से दस बच्चे अनुसूचित जाति की भोजनमाता के हाथ का बना खाना नहीं खा रहे हैं, जबकि दूसरी भोजनमाता के हाथों से बनाया खाना ये बच्चे खाते रहे हैं। स्कूल में दो सवर्ण और एक दलित भोजनमाता है। प्रिंसिपल प्रेम सिंह ने बताया कि यह स्थिति न स्कूल के नियमों के अनुकूल है और न ही सामाजिक सौहार्द के हिसाब से ठीक है। फिलहाल किसी भी बच्चे का नाम नहीं काटा गया है। चेतावनी देने के लिए कुछ बच्चों को टीसी जरूर दी गई थी। पूरे मामले की जानकारी विभागीय उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। उधर, सीईओ चंपावत जितेंद्र सक्सेना ने कहा कि फिलहाल एमडीएम विवाद की लिखित जानकारी नहीं है। प्रधानाचार्य से मामले की जानकारी लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।