उत्तराखंड सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर…आप भी करें बदरीनाथ में फंसे यात्रियों की मदद... (Helpline number for char dham pilgrims )
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उत्तराखंड सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर…आप भी करें बदरीनाथ में फंसे यात्रियों की मदद...

उत्तराखंड सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर…आप भी करें बदरीनाथ में फंसे यात्रियों की मदद...

0135-2559898 ,2552626, 2552627,2552628 और 1364, ये वो नंबर हैं, जिससे आप बदरीनाथ में फंसे लोगों की मदद कर सकते हैं, उनके बारे में जान सकते हैं। बदरीनाथ यात्रा में फंसे हजारों यात्रियों के लिए राज्य सरकार ने एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। इस नंबर से आप अपनों का हाल-चाल जान सकते हैं। आपको बता दें कि शुक्रवार को बदरीनाथ हाईवे पर चट्टान गिरने से राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हो गया। इससे चार धाम यात्रा प्रभावित हुई है। यात्रा मार्ग पर जहां शुक्रवार रात तक 30 हजार यात्रियों के फंसे होने की खबर थी। इस बीच उत्तराखंड सरकार ने कुछ हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, जिनसे आप मार्ग में फंसे अपने परिजनों का हाल जान सकते हैं। ये हैं हेल्पलाइन नंबर- 0135-2559898 ,2552626, 2552627,2552628 और 1364। अब कुछ यात्रियों ने पैदल मार्ग पर जाना मुनासिब समझा है । लोगों में बदरीनाथ दर्शन को लेकर उत्साह कम नहीं हो रहा है।

कुछ लोगों का कहना है कि आपदा से निपटने के लिए सरकार पूरी मदद कर रही है। उधर बीआरओ कर्मियों द्वारा बुजुर्गों को पैदल मार्ग द्वारा अवरुद्घ मार्ग से दूर किया जा रहा है। यात्रियों को करीब तीन किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। हालांकि अभी भी 20 हजार यात्रियों के मार्ग पर फंसे होने की खबर है। राहत कार्य में जुटी बीआरओ टीम का कहना है कि जल्द ही मार्ग खोल दिया जाएगा। बीआरओ की टीम द्वारा शुक्रवार दोपहर से ही राहत कार्य चल रहा है। जोशीमठ मार्ग बंद होने से 838 तीर्थयात्री विष्‍णुप्रयाग पैदल मार्ग से जोशीमठ पहुंचे। जोशीमठ से बदरीनाथ के लिए 737 यात्री रवाना हुए।उधर, जो तीर्थयात्री हाईवें में अभी भी फंसे हुए हैं। उनकी सुविधाओं के लिए बीआरओ की टीम ने भोजन और पानी की व्यवस्‍था का इंतजाम किया है। बता दें कि बदरीनाथ हाईवे में शुक्रवार को हाथी पर्वत का एक बड़ा हिस्सा टूटकर आने से राजमार्ग अवरुद्ध हो गया था। इसके चलते बदरीनाथ यात्रा भी रोक दी गई।

हाईवे बंद होने से बदरीनाथ सहित विभिन्न पड़ावों में करीब बीस हजार तीर्थयात्री फंसे हुए हैं। पहाड़ गिरने की वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर अलकनंदा नदी तक का बड़ा इलाका मलबे से भर गया। जिलाधिकारी ने बताया कि पहाड़ी से रुक-रुक कर गिर रहे मलबे को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने जानमाल के नुकसान को बचाने के लिये पहले ही यात्रा को सुरक्षित स्थान पर रोके जाने की व्यवस्था कर दी थी। हालांकि, प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हाथीपहाड़ से बड़ी-बड़ी चट्टानें राजमार्ग पर गिरी हैं जिससे रास्ता खुलने में लंबा समय लग सकता है। राजमार्ग बंद होने से बद्रीनाथ दर्शनों के लिये गये तीर्थयात्री बद्रीनाथ में ही रुक गये हैं जबकि दर्शनों के लिये आने वाले सैकड़ों तीर्थयात्री जोशीमठ, पीपलकोटी और कर्णप्रयाग मे रुक कर सड़क खुलने का इंतजार कर रहे हैं। कुल मिलाकर कहें तो एक बार फिर से देवभूमि पर प्रकृति ने अपना कहर बरपाया है।

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