उत्तराखंड रुद्रप्रयाग7 km long tunnel from Chaumasi to Lincholi Kedarnath Dham

Uttarakhand News: केदारनाथ धाम के लिए केंद्र बनाएगा 7 km लंबी सुरंग, 5 km रह जाएगा पैदल रास्ता

केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय द्वारा रुद्रप्रयाग में केदारनाथ धाम के लिए एक टनल का निर्माण किये जाने का प्लान है। टनल कालीमठ घाटी के अंतिम गांव चौमासी से केदारनाथ से लिंचोली तक बनाई जाएगी। लिंचोली से केदारनाथ मंदिर तक 5 किलोमीटर का ट्रैक है।

Tunnel to Kedarnath Dham: 7 km long tunnel from Chaumasi to Lincholi Kedarnath Dham
Image: 7 km long tunnel from Chaumasi to Lincholi Kedarnath Dham (Source: Social Media)

रुद्रप्रयाग: केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय केदारनाथ तक 7 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाने की योजना बना रहा है। वर्तमान में गौरीकुंड से रामबाड़ा-लिंचोली होते हुए केदार धाम तक का पैदल मार्ग 22 किलोमीटर लंबा है। अब केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय का एक नई सुरंग का निर्माण चौमासी गांव से लिंचौली तक किया जाने का प्लान है, जहां से केदारनाथ मंदिर तक पहुंचने के लिए 5 किमी की ट्रैकिंग करनी पड़ती है।

7 km long tunnel from Chaumasi to Lincholi Kedarnath Dham

दरअसल, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय के मुताबिक रामबाड़ा भूस्खलन क्षेत्र है, इसलिए यहां सड़क का निर्माण संभव नहीं है। जिसके बाद पिछले साल रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने प्रस्ताव में रामबाड़ा तक सुरंग बनाने का सुझाव दिया, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हुआ कि सुरंग कहां से बनाई जाएगी। सितंबर 2024 में 5 सदस्यीय टीम ने चौमासी-खाम बुग्याल-केदारनाथ रूट का जमीनी सर्वेक्षण किया था। टीम ने सर्वे रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया कि इस पूरे मार्ग पर कठोर चट्टानें और बुग्यालों के ऊपर व नीचे से रास्ता बनाया जा सकता है। इस मार्ग पर कहीं भी भूस्खलन जोन नहीं हैं, हालाकिं कई जगहों पर भूमिगत पानी रिस रहा है, जिसके उपाय किये जा सकते हैं।

चौमासी से लिंचोली 7 किमी लंबी टनल

अब, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय द्वारा रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ मार्ग पर 6562 फीट की ऊँचाई पर एक टनल का निर्माण किये जाने का प्लान है। ये टनल कालीमठ घाटी के अंतिम गांव चौमासी से केदारनाथ से 5 km पहले लिंचोली तक बनाई जाएगी। लिंचोली से केदारनाथ मंदिर तक पहुँचने के लिए 5 किलोमीटर का ट्रैक करना पड़ता है। चौमासी गांव तक यात्री गाड़ी से पहुँच सकते हैं, रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय का उसके आगे चौमासी से लिंचौली तक 7 किमी लंबी टनल बनाये जाने का प्लान है।

लिंचोली से 5 km की पैदल यात्रा

वर्तमान में, तीर्थयात्रियों को गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक पहुँचने के लिए लगभग 21-22 किलोमीटर की ट्रैकिंग करनी पड़ती है। जिसमें गौरीकुंड से जंगल चट्टी, भीमबली, रामबाड़ा होते हुए छोटी और फिर बड़ी लिंचोली पहुंचा जाता है। इसके बाद लिंचोली से केदारनाथ मंदिर तक 5 किलोमीटर की दूरी है। ये पूरा पैदल मार्ग मंदाकिनी नदी के किनारे स्थित है। वहीं दूसरी ओर रुद्रप्रयाग गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुंड से गुप्तकाशी होते हुए कालीमठ घाटी के प्रवेश द्वार से कालीमठ, कोटमा और फिर चौमासी पहुंचते हैं। कुंड से चौमासी की दूरी लगभग 35 किलोमीटर है। ऊखीमठ से 3km पहले चुन्नी बैंड से भी कालीमठ का रास्ता गुप्तकाशी के ठीक नीचे विद्यापीठ में मिलता है। यदि चौमासी से 7 किलोमीटर लंबी टनल लिंचोली तक जाती है तो लिंचोली से 5 किलोमीटर की दूरी पैदल यात्रा करके केदारनाथ मंदिर पहुंचा जा सकता है।