चमोली: उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में छात्रों को बहुत सारी समस्याओं समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिन पर प्रशासन या सरकार का कोई ध्यान नहीं रहता है। यहां चमोली जिले के देवाल ब्लॉक के दूरस्थ गांव बमोटिया में एक भवन में तीन स्कूलों के बच्चे पढ़ रहे हैं, लेकिन ये एक भवन भी दो लकड़ियों के सहारे टिकाया गया है।
Roof of school rests on two beams in Chamoli
चमोली जिले के देवाल ब्लॉक के दूरस्थ गांव बमोटिया में स्थित प्राथमिक विद्यालय में छात्र-छात्राएं हर दिन अपनी जान को जोखिम में डालकर दिन के 6 से 7 घंटे कक्षाओं में बैठते हैं। प्राथमिक विद्यालय बमोटिया की सालों से ये जर्जर स्थिति हो रखी है, लेकिन ना स्थानीय नेताओं का और ना ही प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान है। इस विद्यालय का भवन पूरी तरह जर्जर हो रहा है, भवन के बरामदे की छत को दो लकड़ियों के सहारे टिकाया हुआ है। अगर ये लकड़ियां थोड़ी भी कमजोर पड़ती है तो छत बच्चों के सर पर गिर सकती है। लेकिन विभाग को इन बच्चों पर मंडरा रहे इस खतरे से कोई मतलब नहीं है।
तीन विद्यालयों के 52 छात्र पढ़ते हैं भवन में
बमोटिया गांव में स्कूल के नाम पर एक ही भवन है, जिसमें प्राथमिक स्कूल के बच्चों के साथ ही जूनियर और आंगनबाड़ी के छात्र भी पढ़ते हैं। इस विद्यालय में कुल 52 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं, जिनमें प्राथमिक के 19, जूनियर के 13 और आंगनबाड़ी के 20 छात्र छात्राएं शामिल हैं। गांव में जूनियर और आंगनबाड़ी केंद्र के भवन ना होने के कारण ये कक्षाएं भी प्राथमिक विद्यालय में ही लगती हैं। भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए बच्चों को हर दिन खुले आसमान के नीचे बैठाकर पढ़ाया जाता है, और बारिश के दिनों जर्जर भवन के अंदर दो कक्षों में बच्चों को पढ़ाया जाता है।
ग्रामीण कई बार कर चुके हैं भवन की मरम्मत की मांग
स्थानीय लोगों द्वारा कई बार विभाग से भवन की मरम्मत की मांग उठाई जाती रही है, लेकिन विभाग में कान में जूं भी ना रेंगा। इसके अलावा विद्यालय प्रबंधन समिति की ओर से भी शिक्षा विभाग को कई बार भवन मरम्मत करवाने का प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन उसका भी कोई फायदा नहीं हो पाया। स्थानीय लोगों ने जानकारी दी है कि साल 2015-16 में गांव में जूनियर हाईस्कूल के भवन निर्माण के लिए 18 लाख रूपये की स्वीकृत हुए थे। लेकिन भवन निर्माण के लिए गांव में सही जगह ना मिलने के कारण स्कूल का निर्माण नहीं किया गया।
अब तक संज्ञान में नहीं था मामला
वहीं इस खबर के उजागर होने के बाद देवाल ब्लॉक के उप शिक्षा अधिकारी योगेन्द्र प्रसाद सेमवाल ने कहा कि इस प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवन का मामला अब तक संज्ञान में नहीं था। विद्यालय की जानकारी लेकर इस पर जल्द ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।