टिहरी गढ़वाल: कीर्तिनगर नगर पंचायत ने बीते कुछ सालों में ठोस कचरा प्रबंधन को लेकर कई प्रभावी कदम उठाए हैं, जिससे क्षेत्र में स्वच्छता में सुधार हुआ है और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में कीर्तिनगर का जिक्र करते हुए यहां के कूड़ा प्रबंधन मॉडल को देश के लिए एक आदर्श बताया।
PM Modi honored Kailash Devi in Mann Ki Baat
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रविवार 27 जुलाई को को रेडियो शो 'मन की बात' के 124वें एपिसोड के तहत देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने देशभर से जुड़े कई मुद्दों पर बात की। पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में भारत की प्राचीन संस्कृति और सामर्थ्य के प्रतीक ऐतिहासिक किलों, खुदीराम बोस जी और लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक जी सहित अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान आदि कई विषयों पर अपने विचार साझा किए।
पीएम ने की कीर्तिनगर नगर पंचायत की सराहना
इस दौरान प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के बारे में बात करते हुए जनपद टिहरी गढ़वाल के कीर्तिनगर नगर पंचायत का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कीर्तिनगर के लोग वेस्ट मैनेजमेंट के क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कीर्तिनगर कूड़ा प्रबंधन मॉडल पूरे देश के लिए एक आदर्श है । प्रधानमंत्री के भाषण के बाद स्थानीय जनता में उत्साह का वातावरण है। लोगों ने इस उपलब्धि को सामूहिक प्रयासों की सफलता के रूप में देखा और आशा व्यक्त की कि अन्य नगर निकाय भी इससे प्रेरित होकर स्वच्छता के क्षेत्र में और आगे बढ़ेंगे।
कैलाशी देवी ने किया था कूड़ा प्रबंधन मॉडल शुरू
आपको बता दें कि, कीर्तिनगर नगर पंचायत में कूड़ा प्रबंधन की इस सफलता का श्रेय पूर्व अध्यक्ष कैलाशी देवी जाखी के प्रयासों को दिया जा रहा है। कैलाशी देवी जाखी के कार्यकाल के दौरान इस दिशा में बुनियादी कार्य आरंभ हुआ था। जिसे वर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष राकेश मोहन मैठाणी ने और अधिक व्यवस्थित और आधुनिक रूप में आगे बढ़ा रहे हैं।
ऐसे रखा जाता है कीर्तिनगर को स्वच्छ
दरअसल, कीर्तिनगर नगर पंचायत में के सभी वार्डों से प्रतिदिन कूड़ा एकत्र कर इसे क्षेत्र से लगभग दो किमी दूर न्यूनीखाल में स्थित 22 नाली भूमि पर बनाए गए ट्रेचिंग ग्राउंड में डंप किया जाता है। यहां अत्याधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं, जो सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग करके वैज्ञानिक तरीके से उनका निस्तारण करती हैं। जिसमें गीले कूड़े से खाद तैयार की जाती है, और फिर वही खाद स्थानीय किसानों को बेची जाती है। जबकि सूखे कूड़े को प्रोसेस करके पुनः उपयोग के लिए तैयार किया जाता है। यहां कूड़े की छंटाई और निस्तारण के लिए चार कर्मचारी नियमित रूप से नियुक्त किए गए हैं। इस पूरे संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से एक अनुबंधित व्यवस्था लागू की गई है, ताकि कार्य की निरंतरता और गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।