उत्तराखंड चमोलीManasi Negi of Chamoli won bronze in international competition

Uttarakhand News: चमोली की बेटी ने विदेश में लहराया सफलता का परचम, जर्मनी में जीता पदक.. बधाई दीजिये

इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में 100 से ज्यादा देशों के एथलीट्स ने भाग लिया था। जिसमें चमोली जिले की मानसी नेगी ने भी वॉक रेस की टीम स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया है।

Manasi Negi: Manasi Negi of Chamoli won bronze in international competition
Image: Manasi Negi of Chamoli won bronze in international competition (Source: Social Media)

चमोली: उत्तराखंड की प्रतिभाशाली एथलीट मानसी नेगी ने एक बार फिर अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से विदेश की धरती पर सफलता का परचम लहराया है। मानसी ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में कांस्य पदक प्राप्त किया है। मानसी ने अपने इस शानदार प्रदर्शन से अपने परिजनों सहित प्रदेश और देश का मान बढ़ाया है।

Manasi Negi of Chamoli won bronze in international competition

दरअसल, जर्मनी के राइन-रूहर में FISU विश्व विश्वविद्यालय खेल 2025 में वॉक रेस टीम स्पर्धा आयोजित की गई थी। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में 100 से ज्यादा देशों के करीब 8,500 एथलीट्स ने 18 खेलों में भाग लिया। चमोली जिले की मानसी नेगी ने भी वॉक रेस की टीम स्पर्धा में भाग लिया था। जिसमें उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से कांस्य पदक हासिल किया है। मानसी ने अपनी इस उपलब्धी से एक बार फिर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है।

सीएम धामी ने मानसी को दी बधाई

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी एथिलिट मानसी नेगी को उनकी इस शानदार उपलब्धी पर बधाई दी है। सीएम धामी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि राइन-रूहर, जर्मनी में आयोजित FISU विश्व विश्वविद्यालय खेल 2025 में वॉक रेस टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने पर उत्तराखंड की बेटी मानसी नेगी को हार्दिक बधाई! आपकी यह उपलब्धि प्रदेश के अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्त्रोत बनेगी। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप अपने उत्कृष्ट खेल कौशल से भविष्य में भी देश और प्रदेश का नाम इसी तरह रोशन करती रहेंगी। आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएं!

कठिन परिस्थितियों से लड़कर पाई सफलता

आपको बता दें कि चमोली जिले के मजोठी गांव की मानसी ने उत्तराखंड सरकार द्वारा तीलू रौतेली पुरस्कार 2022-23 से भी सम्मानित किया जा चुका है। इस बार कांस्य पदक जीतने पर उन्हें फिर से विशेष बधाई और सराहना मिल रही है। मानसी नेगी ने पहाड़ की कठिन परिस्थितियों, सीमित संसाधनों और पारिवारिक चुनौतियों के बावजूद कभी हार नहीं मानी। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने खेल में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, इसी दौरान उन्हें पिता के मौत से गहरा झटका भी लगा। लेकिन मानसी ने हौसला बनाए रखा और अपने लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ती रहीं। मानसी नेगी अब तक 17 से ज्यादा मेडल अपने नाम कर चुकी हैं। उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड 20 किमी वॉक रेस में एक घंटा 36 मिनट का रहा है।