उत्तराखंड पौड़ी गढ़वालSeema Bhandari won Sila Panchayat seat by 2378 votes

गढ़वाल: सीमा भंडारी की ऐतिहासिक जीत.. कांग्रेस की असीमा बेगम, BJP की हसीना बेगम को हराया

पौड़ी गढ़वाल के दुगड्डा ब्लाक की सीला जिला पंचायत सीट पर सीमा भंडारी ने कांग्रेस और भाजपा दोनों के प्रत्याशी को हरा दिया। पढ़िए...

Panchayat Chunav Result: Seema Bhandari won Sila Panchayat seat by 2378 votes
Image: Seema Bhandari won Sila Panchayat seat by 2378 votes (Source: Social Media)

पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड त्रिस्तरीय चुनाव के नतीजे हम सबके सामने हैं, जनता ने पंचायत चुनाव में कई जगह भारी उलट फिर किया है। पौड़ी गढ़वाल की सीला जिला पंचायत सीट पर सीमा भंडारी ने कांग्रेस और भाजपा दोनों के प्रत्याशी को हरा दिया।

Seema Bhandari won Sila Panchayat seat by 2378 votes

उत्तराखंड पंचायत चुनाव में जनता ने नेताओं और नेताओं के उम्मीदवारों को सिरे से नकार दिया। कहानी वर्तमान विधायक के पुत्र पराजित हुए, कहीं जिला अध्यक्ष खुद पराजित हुए, बड़ी पार्टियों के कद्दावर नेताओं के घर वाले तक पराजित हो गए। पौड़ी गढ़वाल के दुगड्डा ब्लाक की सीला जिला पंचायत सीट पर सीमा भंडारी ने बड़ी पार्टियों की उम्मीदवार हसीना बेगम और असीम बेगम को हरा दिया।

हसीना बेगम और असीमा बेगम थी राष्ट्रीय पार्टियों की प्रत्याशी

पौड़ी गढ़वाल के दुगड्डा ब्लाक की सीला जिला पंचायत सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने हसीना बेगम को अपना उम्मीदवार बनाया था। कांग्रेस पार्टी ने भी इस सीट पर असीमा बेगम को टिकट दिया था। क्षेत्रीय सीमा देवी भंडारी भी निर्दलीय चुनाव में उम्मीदवार थी। उसके बाद जब पंचायत चुनाव के नतीजे आए तो सीमा देवी ने 2378 वोटों से ऐतिहासिक जीत दर्ज कर दी। पौड़ी गढ़वाल की इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने पहाड़ी उम्मीदवारों को दरकिनार करते हुए हसीना बेगम और असीमा बेगम को अपनी अपनी पार्टियों के टिकट सौंपे थे। लेकिन जनता के मूड को भांपने में दोनों ही पार्टियां विफल रहीं।

  • जनता ने सीमा देवी भंडारी को चुना

    Seema Devi Wins in Dugadda Pauri Garhwal
    1/ 1

    पौड़ी गढ़वाल के दुगड्डा ब्लाक की सीला जिला पंचायत सीट पर जनता ने सीमा देवी को विजयी बना दिया, यद्यपि ये एक मुस्लिम बहुल सीट है। अब इस बात की क्षेत्र में अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। लोगों का कहना है की पहाड़ में एक पहाड़ी ही प्रतिनिधि होना चाहिए क्योंकि एक पहाड़ी ही पहाड़ की असल पीड़ा को समझ सकता है। राज्य समीक्षा की भी निर्दलीय सीमा देवी भंडारी को जीत की ढेर सारी शुभकामनाएं।