उत्तराखंड देहरादूनStory and facts behind woman demanding euthanasia

उत्तराखंड: पुलिस अधिकारी से 3 महीने की दोस्ती और फिर इच्छामृत्यु की मांग, क्या है पूरा सच ? पढ़िए

पुलिस अधिकारी पर शारीरिक और मानसिक शोषण के आरोप लगाकर राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की मांग करने वाली महिला के बारे में कुछ बातें सामने आ रही हैं। सोशल मीडिया में वायरल हो रही महिला की ऑडियो रिकॉर्डिंग और चैट से कई बातें सामने आ रही हैं।

woman demands euthanasia: Story and facts behind woman demanding euthanasia
Image: Story and facts behind woman demanding euthanasia (Source: Social Media)

देहरादून: पुलिस विभाग की एक महिला कर्मी ने राष्ट्रपति से पुलिस अधिकारी पर शारीरिक और मानसिक शोषण के आरोप लगाकर इच्छामृत्यु की मांग की थी, रिपोर्ट्स के मुताबिक महिला का नाम सरोजबाला है, महिला पुलिस विभाग में कुक का कार्य कर रही थी और मई 2025 में ब्लैकमेलिंग के आरोपों के बाद महिला गिरफ्तार हुई थी।

Story and facts behind woman demanding euthanasia

रिपोर्ट्स के मुताबिक मई 2025 में महिला पुलिस अधीक्षक निहारिका सेमवाल ने केंट कोतवाली देहरादून में रिपोर्ट दर्ज कराई कि, 16 नवंबर 2024 को उनके मोबाइल फोन पर एक अननोन नंबर से दो वॉइस रिकॉर्डिंग मैसेज भेजे गए, जो उन्होंने उस समय नहीं सुने, इसके अगले दिन 17 नवंबर 2024 को इसी नंबर से उनके मोबाइल पर गाली गलौज भरे व्हाट्सएप मैसेज आए तो उन्होंने नंबर को ब्लॉक कर दिया। इसके बाद 5 जनवरी 2025 को उनके किसी परिचित ने उन्हें एक फेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट भेजा, जिसमें एक महिला सरोजबाला ने खुदकुशी करने और अपनी मौत के लिए उनके जिम्मेदार होने की बात लिखी थी। जब उन्होंने इस बारे में अपने पति से पूछा तो कई बातें सामने आईं।

पुलिस अधिकारी से लिए छह लाख रूपये

सहायक पुलिस अधीक्षक के पद पर ही तैनात पति से सीओ निहारिका सेमवाल को पता लगा कि इस महिला की उनके पति के साथ जून 2022 से अगस्त 2022 तक दोस्ती थी और बातचीत हुई थी। बताया गया कि महिला के अजीब व्यवहार के कारण अगस्त 2022 के बाद से पुलिस अधिकारी ने महिला से बातचीत करना बंद कर दिया था। यह भी पता लगा कि आरोपित महिला ने पुलिस अधिकारी पति से छह लाख रूपये लिए और इसके बाद अब अधिक पैसों के लिए ब्लैकमेल कर रही है। इस शिकायत के बाद सरोज बाला को ₹70000 लेते पकड़ा गया और मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अब महिला ने भारत के राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की मांग की है।

शिक्षक से भी ब्लैकमेलिंग की पुष्टि

आरोपित महिला आये दिन सोशल मीडिया पर जातिसूचक टिप्पणियां भी कर रही थी। रिपोर्ट्स की मानें तो महिला पर अब तक दो मुकदमे दर्ज हो चुके हैं, ब्लैकमेलिंग की 20 से ज्यादा रिकॉर्डिंग और दस हजार से ज्यादा मैसेज महिला ने भेजे हैं और कई सोशल मीडिया पोस्ट भी महिला कर चुकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक तीन और पुलिस अधिकारियों के साथ महिला के संबंध थे और इसके अलावा एक सरकारी शिक्षक से भी महिला के ब्लैकमेलिंग करके पैसे लेने की पुष्टि हुई है। महिला की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग से साफ होता है कि महिला काम पर गैरहाजिर होने के बाद भी उसकी अटेंडेंस लगाने जैसे दबाव भी अधिकारीयों पर बनाती रही। अब महिला ने जब भारत के राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की मांग की तो मामला सुर्खियों में आया। इस मामले में राज्य समीक्षा आगे भी अपडेट प्रकाशित करता रहेगा, जुड़े रहिए।