पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में भारी बारिश ने तबाही मचा दी है, धराली में बचाव कार्य अभी भी जारी है। वहीं पौड़ी जिले में भी आज सुबह भूस्खलन के कारण मलबे में दबने से दो महिलाओं की मौत हो गई। इसके अलावा विकासखंड थलीसैंण और पाबौ को मुख्यालय पौड़ी से जोड़ने वाला एकमात्र पुल ढह जाने से कई गांवों का संपर्क पूरी तरह से कट गया है।
Two women died due to landslide in Garhwal
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के भारी बारिश के कारण भूस्खलन और जलभराव के मामले काफी बढ़ गए हैं. बीते बुधवार को उत्तरकाशी जिले में बादल फटने के कारण मची तबाही ने पूरे प्रदेश का दिल दहला दिया है. प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण कई मार्ग और सड़के अवरुद्ध हो गए हैं. ग्रामीण लोगों का जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया है. वहीं पौड़ी जिले के बुरासी गांव में भारी भूस्खलन से मलबे में दबने से दो महिलाओं की मौत हो गई। इसके साथ ही कई मवेशियों की भी जान चली गई। इसके अलावा जिले में बुआखाल-रामनगर राष्ट्रीय राजमार्ग 121 पर कलगड़ी का पुल ढह गया।
पश्चिमी नयार नदी के ऊफान पर आने से बह गया पुल
दरअसल बीते दो-तीन दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पश्चिमी नयार नदी ऊफान पर आ गई, जिससे पुल टूट गया। ये विकासखंड थलीसैंण और पाबौ को मुख्यालय पौड़ी से जोड़ने वाला एकमात्र पुल था, इसके टूट जाने से कई गांवों का संपर्क पूरी तरह से कट गया है।ग्रामीणों के अनुसार, यह एकमात्र पुल है जो दोनों विकासखंडों को मुख्यालय पौड़ी से जोड़ता है। ऐसे में पुल के ढह जाने से आने वाले दिनों में ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। क्षेत्रवासी और सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र नौटियाल तथा संजय नौटियाल ने बताया कि बारिश के कारण सैंजी ग्राम सभा के कोठला गांव में पेयजल लाइन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। बुधवार सुबह से ही क्षेत्र में बिजली आपूर्ति और मोबाइल नेटवर्क भी ठप पड़े हुए हैं। पाबौ के कलुण और खातस्यूं पट्टी के क्यार्द गांव में कई आवासीय भवन खतरे की जद में आ गए हैं। क्यार्द गांव में प्रभावितों को प्राथमिक विद्यालय में शिफ्ट किया गया।
मलबे में दबने से दो महिलाओं की मौत
इसके अलावा, आज बुधवार सुबह पौड़ी गढ़वाल जिले के बुरासी गांव में भारी भूस्खलन के कारण मलबे में दबने से बिमला देवी (पत्नी स्व. बलवंत सिंह भंडारी) और आशा देवी (पत्नी स्व. प्रेम सिंह नेगी) की मौके पर ही मृत्यु हो गई। वहीं, अमर सिंह का आवासीय भवन और गौशाला भी मलबे में दब गई, जिससे कई मवेशियों की मौत हो गई। इसके अतिरिक्त, पास के सैजी गांव में भी कई घरों को गंभीर नुकसान हुआ है। जनकल्याण सामाजिक समिति ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और प्रशासन से अनुरोध किया है कि प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत और सहायता प्रदान की जाए।