पौड़ी गढ़वाल: एक तरफ उत्तराखंड इस समय भयानक आपदा से जूझ रहा है। दूसरी तरफ उत्तराखंड के पंचायत चुनाव में नव निर्वाचित क्षेत्र पंचायत सदस्य और कुछ अन्य नेता इस समय नेपाल के काठमांडू में जश्न मना रहे हैं। शर्मनाक! बस यही है पहाड़ की राजनीति..
Newly elected having fun while Uttarakhand faces disaster
चुनाव के समय जनता के हाथ-पैर जोड़कर स्वयं को सबसे ज्यादा योग्य, शिक्षित, कर्मठ और जुझारू बताने के साथ ही उत्तराखंड और अपने लोगों के लिए मर मिटने का दंभ भरने वाले कुछ लोग असंवेदनशीलता की हदें पार कर रहे हैं। ये वही लोग हैं जिन्होंने वादे किये थे कि सुख-दुःख की घड़ी में जनता के साथ होंगे.. पर इन्हें फर्क नहीं पड़ता कि उत्तराखंड इस समय कैसे हालातों से गुजर रहा है। इन्हें बस अपना उल्लू सीधा कर, झूठ बोलकर और घड़ियाली आंसू बहाकर चुनाव जीतने से मतलब है... और उसके बाद इनकी बला से जनता जाए भाड़ में।
कुछ तो शर्म करो.. माननीयो
सोशल मीडिया पर इस वक्त एक वीडियो वायरल हो रहा है। विडियो में थलीसैंण क्षेत्र के नव-निर्वाचित कई क्षेत्र पंचायत सदस्य, नवनिर्वाचित महिला क्षेत्र पंचायत सदस्यों के पति और कुछ पूर्व ब्लॉक प्रमुख ठुमके लगाते नजर आ रहे हैं। ये सब लोग इस आपदा की घड़ी में काठमांडू नेपाल के एक होटल में जश्न मना रहे हैं, नाच-गा रहे हैं। जबकि ठीक इसी वक्त थलीसैंण ब्लॉक का एक बड़ा हिस्सा आपदा ग्रस्त है। थलीसैंण क्षेत्र के कई गांवों में भूस्खलन के बाद कई ग्रामीणों को भारी क्षति पहुंची है। कई लोग घायल हैं, कई मलबे के साथ बह गए हैं। आपदा के दौरान पीड़ितों की मदद के लिए जिन्हें इस समय सबसे आगे होना चाहिए था, दुःख की इस घड़ी में नवनिर्वाचित क्षेत्र पंचायत सदस्यों को ढूंढना पड़ रहा है, ये लोग नदारद हैं.. और नेपाल के काठमांडू में जश्न मना रहे हैं।
गंदी राजनीति की बस बानगी भर है ये विडियो
ये उत्तराखंड में प्रचलित गंदी राजनीति की एक बानगी भर है। लोग किसी भी प्रकार से किसी को भी गालियां देकर, किसी भी हद तक जाकर और किसी भी प्रकार से जनता का बेवकूफ बनाकर नेता बनना चाहते हैं। फिर नेता बनने के बाद उनके क्या हाल होते हैं.. थलीसैंण ब्लॉक से आया ये शर्मनाक वीडियो चीख-चीख कर बता रहा है.. देखिये और सोचिये