देहरादून: उत्तराखंड एसटीएफ ने दिल्ली से एक नाइजीरियन नागरिक कॉलिनस उगोचुकवु नवामुका को गिरफ्तार किया है, जिसे अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। दरअसल, आरोपी ने फर्जी अंतरराष्ट्रीय पार्सल का झांसा देकर पीड़ित से कुल 28,98,650 रुपयों की ठगी की थी।
Mastermind of international cyber fraud gang arrested
जानकारी के अनुसार, बीते जुलाई माह में देहरादून के एक पीड़ित व्यक्ति ने साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें उसने कहा कि फेसबुक पर एक महिला ने खुद को एम्स्टर्डम की एक दवा कंपनी की सीनियर मैनेजर बताकर उससे दोस्ती की और पार्सल भेजने का बहाना बनाया। इसके बाद महिला ने पीड़ित से 'फ्लोटा लॉजिस्टिक्स' के नाम पर कस्टम स्कैनिंग, गोल्ड लाइसेंस, करेंसी कन्वर्जन, जीएसटी, बीमा और क्लीयरेंस जैसे शुल्कों के लिए ऑनलाइन पेमेंट करवाया। पीड़ित को उसके साथ हो रही साइबर ठगी का एहसास नहीं हुआ और उसने विभिन्न बैंक खातों में कई किस्तों में 24 लाख 88 हजार 400 रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद नकली 'राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा' अधिकारी और फर्जी पुलिसकर्मी बनकर 4 लाख 10 हजार 250 रुपये और ले लिए।
अंतरराष्ट्रीय पार्सल का झांसा देकर ठगी
पीड़ित द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल हुए मोबाइल नंबर, बैंक खातों, व्हाट्सएप चैट, फेसबुक मैसेंजर वार्तालाप, पार्सल ट्रैकिंग डोमेन और अन्य डिजिटल माध्यमों की जानकारी जुटाने के लिए बैंकों, टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं, डोमेन होस्टिंग कंपनियों और मेटा से संपर्क किया। जिसमें खुलासा हुआ कि आरोपियों ने फर्जी अंतरराष्ट्रीय पार्सल का झांसा देकर पीड़ित से कुल ₹28,98,650 विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करवाए थे।
नाइजीरियन आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार
साइबर क्राइम पुलिस द्वारा की गई जांच में नाइजीरियाई नागरिक कॉलिनस उगोचुकवु नवामुका का नाम सामने आया। बीएनएसएस के तहत तलाश चलाने के बाद एसटीएफ टीम ने उसे दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से 15 मोबाइल फोन, 5 एटीएम कार्ड, 10 सिम कार्ड और 2 पासपोर्ट बरामद किए हैं। SSP STF नवनीत भुल्लर ने बताया कि गिरफ्तार किया गया आरोपी अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का मास्टरमाइंड है। यह गिरोह सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को फर्जी अंतरराष्ट्रीय पार्सल और सरकारी अधिकारी बनने का धोखा देकर करोड़ों की ठगी करता था। इसके खिलाफ देश के कई राज्यों में साइबर अपराध से संबंधित FIR और शिकायतें दर्ज हैं।