पौड़ी गढ़वाल: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में गुरुवार को बादल फटने की घटना ने कई परिवारों को मातम में डुबो दिया। इस आपदा में उत्तराखंड की रहने वाली दो महिलाओं की मौत हो गई। ये दोनों मृतक महिलाऐं रिश्ते में देवरानी-जेठानी हैं और ये अपने परिवार के साथ मचैल माता मंदिर में दर्शन करने गई हुई थी।
65 people died in Jammu and Kashmir disaster
बीते गुरूवार को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आई आपदा में अब तक 65 लोगों की मौत हो चुकी है, आपदा में 200 लोग अब भी लापता हैं। मृतकों में से लगभग 34 शवों की ही पहचान हो सकी है। किश्तवाड़ आपदा में उत्तराखंड की निवासी एक ही परिवार की दो महिलाओं की भी मौत की दुखद खबर है। मृतक महिलाओं की पहचान 50 वर्षीय दीपा अग्रवाल और उनकी जेठानी नीता अग्रवाल के नाम से हुई है।
पूरा परिवार था साथ
जम्मू कश्मीर से आ रहे दुखद सामाचारों के अनुसार मृतक दीपा अग्रवाल पौड़ी गढ़वाल जिले के लैंसडाउन के व्यापारी और सामाजिक कार्यकर्ता रामदास गुप्ता की बेटी थीं। दीपा का ससुराल ऊधम सिंह नगर जिले में है। दरअसल दीपा अपने पति संदीप अग्रवाल, बेटे दक्ष (16), जेठ अशोक अग्रवाल और जेठानी नीता अग्रवाल के साथ जम्मू कश्मीर में स्थित प्रसिद्ध मचैल माता मंदिर में दर्शन करने गई थीं। बताया जा रहा है कि ये सब लोग मंदिर में दर्शन के बाद लंगर में बैठे हुए थे। उसी दौरान अचानक बादल फटा और तेज़ बहाव वाला सैलाब आया, जिसने दीपा और उनकी जेठानी नीता को अपनी चपेट में ले लिया।
सैलाब के बहाव में हो गई गायब
अशोक अग्रवाल, संदीप अग्रवाल और उनका बेटा दक्ष तो किसी तरह पानी और मलबे से बच निकलने में सफल रहे। लेकिन वे दोनों महिलाएं सैलाब की रफ्तार गायब हो गई। इनमें से दीपा का शव तो हादसे के तुरंत बाद बरामद कर लिया गया था, लेकिन नीता घंटों तक लापता रही। बाद में रेस्क्यू टीम ने नीता का शव भी मलबे से निकाल लिया। दीपा और नीता की मौत की खबर के बाद से उनके परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।