उत्तराखंड पिथौरागढ़Uttarakhand Khooni village renamed as Devi Gram

उत्तराखंड के 'खूनी' गांव का नाम बदलकर हुआ 'देवीग्राम', आजादी के समय की मांग अब जाकर हुई पूरी

यहां के ग्रामीणों का कहना था कि “खूनी” नाम अपने आप में नकारात्मक ध्वनि पैदा करता था और गांव की पहचान पर एक तरह से कलंक जैसा बन गया था। कई बार बाहरी लोग नाम सुनकर चौंक जाते थे और गलत धारणा बना लेते थे।

Khooni village renamed: Uttarakhand Khooni village renamed as Devi Gram
Image: Uttarakhand Khooni village renamed as Devi Gram (Source: Social Media)

पिथौरागढ़: उत्तराखंड सरकार ने पिथौरागढ़ जिले में स्थित खूनी गांव के लोगों की सालों पुरानी मांग को पूरा किया है। सरकार ने अपने आदेश में कहा कि ग्रामवासियों की भावनाओं और लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया गया है।

Uttarakhand's Khooni village renamed as Devi Gram

उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के थल तहसील क्षेत्र में स्थित "खूनी गांव" का नाम अब बदलकर "देवीग्राम" कर दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने अधिसूचना जारी कर इस परिवर्तन को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया है। सरकार ने अपने आदेश में कहा कि ग्रामवासियों की भावनाओं और लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए यह नाम परिवर्तन किया गया है। अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ संसदीय क्षेत्र से भाजपा सांसद अजय टम्टा ने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा है कि, "स्वतंत्रता के इतने साल बाद अब खूनी ग्राम का नाम देवीग्राम कर दिया गया है। यह केवल नाम परिवर्तन नहीं बल्कि हमारी संस्कृति, आस्था और लोकभावनाओं का सम्मान है।"

नकारात्मक ध्वनि पैदा करता था खूनी नाम

दरअसल इस गांव में लगभग 60 परिवार रहते हैं। गांव की जनसंख्या कुल 380 है। यहां के ग्रामीणों का कहना था कि “खूनी” नाम अपने आप में नकारात्मक ध्वनि पैदा करता था और गांव की पहचान पर एक तरह से कलंक जैसा बन गया था। कई बार बाहरी लोग नाम सुनकर चौंक जाते थे और गलत धारणा बना लेते थे। जिस कारण ग्रामीणों ने इस विषय को उठाया और सरकार से आग्रह किया कि उनके गांव का नाम बदलकर ऐसा रखा जाए जो सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से सकारात्मक संदेश दे।

सालों पुरानी मांग अब हुई पूरी

ग्रामवासियों के अनुसार देवीग्राम नाम उनके धार्मिक विश्वास से जुड़ा है। इस गांव के समीप देवी मंदिर स्थित है और लोग इसे आस्था का केंद्र मानते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नया नाम न केवल गांव की पहचान को एक सकारात्मक रूप देगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों में गर्व की भावना भी जगाएगा। खूनी गांव का नाम परिवर्तन की खबर सुनते ही गांव में उत्सव जैसा माहौल बन गया। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी जताई और सरकार का आभार व्यक्त किया। बुजुर्गों का कहना है कि उन्होंने जीवनभर इस मांग को सुना था और अब जाकर उनकी पीढ़ियों का सपना पूरा हुआ।