देहरादून: पिछले दिनों हरक सिंह रावत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। वीडियो में हरक सिंह रावत ने कहा था कि भारतीय जनता पार्टी ने 30 करोड़ रुपए की एफडी करवा रखी है, जिसके लिए बीजेपी में रहते हुए स्वयं उन्होंने भी एक करोड़ रुपए दिए थे। हरक सिंह ने कहा था कि ये एक करोड़ रुपए उन्होंने हल्द्वानी और उधम सिंह नगर के खनन कारोबारी से इकट्ठे कर लिए थे। हरक सिंह उस समय वन मंत्री थे और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत थे। एक मीडिया चैनल को दिए गए इंटरव्यू में अब त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरक सिंह रावत पर पलटवार किया है।
Trivendra Singh Rawat on Harak Singh Donation Statement
त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि वह हरक सिंह रावत को कक्षा 12वीं से जानते हैं। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि वो और राजनीति में मौजूद हर व्यक्ति हरक सिंह रावत को देखता हुआ आ रहा है कि वह किस तरह से अपने बयान देते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि हरक सिंह रावत विद्यार्थी परिषद से बीजेपी में, उसके बाद बीजेपी से बसपा में, फिर बसपा से कांग्रेस में, फिर कांग्रेस से बीजेपी में, और आज वापस फिर कांग्रेस में मौजूद हैं। त्रिवेंद्र ने कहा कि हरक सिंह रावत में इतने जोश का जरूर अपने आप को साबित करने जैसा कोई खास कारण हो सकता है।
नंबर 1 में चेक से लिया था फंड
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसके बाद भारतीय जनता पार्टी के लिए इकट्ठा किए गए चंदे के बारे में कहा की एक पार्टी को चलाने के लिए कार्यकर्ता और पैसे दोनों की जरूरत होती है। प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में पार्टी ने चंदे के पैसे में पूरी पारदर्शिता रखते हुए इसे पूरी तरह से नंबर एक में चेक के द्वारा लिया था। त्रिवेंद्र ने कहा कि चेक के माध्यम से लिया गया तो इसमें क्या गलत है? त्रिवेंद्र ने आगे कहा कि पार्टी ने उसे समय 27 करोड़ रुपए के चेक प्राप्त किए थे और उन्हें यह स्वीकार करने में कोई दिक्कत नहीं है।