देहरादून: मसूरी स्थित एमपीजी कॉलेज में उस समय हंगामा हो गया, जब छात्रों और पूर्व छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। आरोप है कि कॉलेज की एक गुप्त बैठक के दौरान एक शिक्षिका द्वारा चोरी-छिपे मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही थी। जिसके बाद शिक्षिका और कॉलेज प्रबंधन समिति की अध्यक्ष के बीच तीखी बहस होने लगी। देखते ही देखते माहौल गरमा गया और छात्रों ने प्राचार्य से इस्तीफे की मांग शुरू कर दी।
Ruckus in Mussoorie MPG College
एमपीजी कॉलेज के वर्तमान छात्रों और एबीवीपी से जुड़े छात्र नेताओं का कहना है कि कॉलेज में लंबे समय से शिक्षा की गुणवत्ता गिर रही है। उन्होंने शिक्षकों पर अनुशासनहीनता और छात्रों के साथ दुर्व्यवहार करने के भी आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि कॉलेज के प्राचार्य अनिल चौहान उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं देते हैं। पहले भी उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। बीते सोमवार को कुछ छात्र अपनी समस्याएं लेकर प्राचार्य से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान प्राचार्य ने सुरक्षा के लिए पुलिस बुला ली। प्राचार्य के इस कदम पर छात्रों ने नाराज होकर इसे अपनी आवाज दबाने की कोशिश करार दिया। जिसके बाद नाराज छात्रों ने कॉलेज परिसर में नारेबाजी और प्रदर्शन शुरू कर दिया। जिसके बाद कॉलेज प्रबंधन समिति की अध्यक्ष और नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी कॉलेज पहुंचीं।
गुप्त बैठक में शिक्षिका बना रही थी छुपकर वीडियो
अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कॉलेज स्टाफ और छात्रों से बातचीत के लिए प्राचार्य कार्यालय में बैठक बुलाई। बैठक से मीडिया और पूर्व छात्रों को बाहर रखा गया। बैठक के बीच एक छात्रा ने देखा कि एक शिक्षिका चोरी-छिपे मोबाइल से वीडियो बना रही हैं। जिसके बाद शिक्षिका और मीरा सकलानी के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। आरोप है कि शिक्षिका ने अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया, जिससे छात्रों का गुस्सा और भड़क गया। छात्रों ने प्राचार्य कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी करते हुए प्राचार्य से इस्तीफे की मांग की। छात्रों ने प्राचार्य कार्यालय के बाहर लगी मिलने का समय दर्शाने वाली पट्टिका भी उखाड़ दी। छात्र नेताओं का कहना है कि जब एक शिक्षिका प्रबंधन समिति की अध्यक्ष के साथ दुर्व्यवहार कर सकती हैं, तो छात्रों के साथ उनके व्यवहार का अंदाजा लगाया जा सकता है।
कॉलेज प्राचार्य से इस्तीफे की मांग
कॉलेज में तनाव बढ़ने पर प्राचार्य अनिल चौहान ने उक्त शिक्षिका को मीरा सकलानी से माफी मांगने को कहा। शिक्षिका ने उनसे माफी तो मांगी, लेकिन मीरा सकलानी ने इसे नाकाफी बताते हुए शिक्षिका के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कॉलेज की गरिमा के खिलाफ ऐसी हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी, इसके बाद वे बिना मीडिया से बात किए कॉलेज से चली गईं। इधर, नगर पालिका सभासद अमित भट्ट और पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष गौरव गुप्ता सहित छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि एक हफ्ते के भीतर प्राचार्य को पद से नहीं हटाया गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। नगर पालिका सभासद अमित भट्ट का कहना है कि जब से अनिल चौहान ने प्राचार्य का कार्यभार संभाला है, तब से एमपीजी कॉलेज राजनीति का अखाड़ा बन गया है और छात्रों को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है।