देहरादून: आज देहरादून में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान उत्तराखण्ड सरकार और जर्मनी के इनोवेशन हब राइन-माइन के बीच एक समझौता हुआ। इस कार्यक्रम के दौरान उत्तराखण्ड सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और जर्मन प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख सदस्य शामिल हुए। बताया जा रहा है कि यह समझौता युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार और प्रशिक्षण के नए मौके देगी।
Uttarakhand Govt agreement with Germany innovation hub
शनिवार यानि आज राजधानी देहरादून में एक विशेष समारोह आयोजित किया गया था, इस समारोह में एक ऐतिहासिक समझौता किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में उत्तराखण्ड सरकार और जर्मनी के इनोवेशन हब राइन-माइन के बीच लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) पर हस्ताक्षर हुए। उत्तराखण्ड सरकार और जर्मनी स्थित इनोवेशन हब राइन-माइन के बीच की इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य राज्य के युवाओं को जर्मनी के विभिन्न उभरते क्षेत्रों से जोड़ना है। इनमें स्वास्थ्य सेवाएं, ऑटोमोबाइल सेक्टर, व्यावसायिक प्रशिक्षण, हाइड्रोजन और नवीकरणीय ऊर्जा तकनीक, तथा स्टार्टअप नवाचार जैसे क्षेत्र शामिल हैं। यह कदम युवाओं को न केवल रोजगार बल्कि उन्नत कौशल विकास और वैश्विक अनुभव भी प्रदान करेगा।
अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समारोह के दौरान कहा कि यह पहल उत्तराखंड के युवाओं को विश्वस्तरीय मंच पर अपनी प्रतिभा साबित करने का मौका देगी। उत्तराखण्ड के युवा किसी भी अन्य प्रदेश या देश से पीछे नहीं हैं, ज़रूरत केवल सही मार्गदर्शन और अवसर की है। राज्य सरकार युवाओं को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी उपलब्ध करा रही है। कई युवा पहले से ही प्रशिक्षण लेकर विदेशों में अपनी प्रतिभा का सफलतापूर्वक प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन इसके बाद राज्य के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार और प्रशिक्षण के नए अवसर मिलेंगे। साथ ही वे आधुनिक तकनीकों और वैश्विक कार्य संस्कृति से भी परिचित होंगे। यह पहल आने वाले समय में उत्तराखण्ड को ग्लोबल स्किल्ड वर्कफोर्स हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
जर्मन प्रतिनिधिमंडल और वरिष्ठ अधिकारी थे शामिल
देहरादून में आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तराखण्ड सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और जर्मन प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख सदस्य शामिल हुए। इनमें राइन-माइन इनोवेशन हब के सीईओ स्टीफन विट्टेकिंड, राउनहाइम शहर के मेयर डेविड रेंडल, और विदेशी निवेश प्रकोष्ठ के सलाहकार सौरभ भगत विशेष रूप से मौजूद रहे। सभी प्रतिनिधियों ने इस सहयोग को न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने वाला बताया, बल्कि इसे युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना।