ऋषिकेश: ऋषिकेश-कर्णप्रयाग सिंगल ब्रॉड गेज रेल लाइन परियोजना ने अगस्त 2025 में एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में कार्यरत लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) ने सुरंग निर्माण के क्षेत्र में नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है।ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना में कार्यरत लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने अगस्त माह में सुरंग निर्माण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस कंपनी ने केवल एक 12.1 मीटर गैंट्री मशीन का उपयोग करते हुए 504.2 मीटर रेइनफोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट (RCC) सुरंग लाइनिंग का काम सफलतापूर्वक पूरा किया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह अब तक की सबसे बड़ी मासिक प्रगति है, जो किसी एक गैंट्री प्रणाली से हासिल की गई हो।
शिवपुरी-गूलर में हुआ रिकॉर्ड कायम
इस निर्माण में कंपनी ने न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM) तकनीक का उपयोग किया। यह एक आधुनिक और सुरक्षित तकनीक है, जो पहाड़ी इलाकों में सुरंग निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाई जाती है। इसी तकनीक की मदद से एलएंडटी ने पैकेज-2 के अंतर्गत एस्केप टनल शिवपुरी से गूलर सेक्शन में यह रिकॉर्ड कायम किया।
125 km लंबी रेल लाइन
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन को उत्तराखंड की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में गिना जाता है। लगभग 125 किलोमीटर लंबी यह रेल परियोजना हिमालय की तलहटी को जोड़ते हुए चारधाम तीर्थ मार्ग तक एक रणनीतिक कॉरिडोर तैयार करेगी। इस रेल लाइन के बन जाने से ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक का सफर बेहद आसान और सुरक्षित हो जाएगा। यह न केवल धार्मिक यात्रियों को सुविधा देगा बल्कि राज्य के व्यापार और पर्यटन को भी नई गति प्रदान करेगा।
पिछले एक महीने में हुआ सबसे ज्यादा काम
सुरंग निर्माण में इस परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा है, और ऐसे में एलएंडटी की उपलब्धि आने वाले कार्य के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। इंजीनियरिंग विशेषज्ञों का मानना है कि सुरंग निर्माण में यह रिकॉर्ड उत्तराखंड जैसे भौगोलिक और भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में तकनीकी दक्षता और गुणवत्ता का बेहतरीन उदाहरण है। एलएंडटी ने सिर्फ इस रिकॉर्ड को ही नहीं बनाया, बल्कि अगस्त 2025 में सभी कार्यस्थलों पर मिलाकर कुल 1,374.8 मीटर आरसीसी लाइनिंग पूरी की। यह अब तक किसी भी महीने में हुई सबसे ज्यादा प्रगति है। इससे पहले जनवरी 2025 में कंपनी ने 1,337 मीटर की उपलब्धि दर्ज की थी, जिसे अब पीछे छोड़ दिया गया है।
इसी महीने होगी टनल पूरी
प्रोजेक्ट मैनेजर राजेश चौपड़ा ने कहा कि यह उपलब्धि L&T की इंजीनियरिंग उत्कृष्टता, सटीक योजना और निरंतर निष्पादन क्षमता का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि टीम ने भारी बारिश, भूस्खलन और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों जैसी चुनौतियों के बावजूद नवाचार और दृढ़ संकल्प से यह लक्ष्य हासिल किया। उन्होंने बताया कि यह टनल सितंबर 2025 में रेलवे को सौंप दी जाएगी। इसके बाद गूलर से व्यासी टनल का काम भी दिसंबर तक पूरा कर रेलवे को सौंपने की योजना है।