उत्तराखंड रुद्रप्रयागAnkita Rana of Guptkashi got 27th rank in CSIR-UGC NET 2025

Uttarakhand News: गुप्तकाशी की अंकिता राणा ने रचा इतिहास, UGC NET 2025 में उत्तराखंड में 1st और देश में 27th रैंक

अंकिता ने अपनी कड़ी मेहनत से CSIR-UGC NET 2025 (मैथमेटिकल साइंस विषय) की परीक्षा में सफलता हासिल की है। उन्होंने इस परीक्षा में राष्ट्रीय स्तर पर 27वीं रैंक हासिल की और प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया है।

CSIR-UGC NET 2025: Ankita Rana of Guptkashi got 27th rank in CSIR-UGC NET 2025
Image: Ankita Rana of Guptkashi got 27th rank in CSIR-UGC NET 2025 (Source: Social Media)

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड की बेटियां आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं, ये अपनी कड़ी मेहनत से हर क्षेत्र में सफलता का परचम लहरा रहे हैं। इसी कड़ी में अब रुद्रप्रयाग ज़िले की अंकिता राणा ने CSIR-UGC NET 2025 (मैथमेटिकल साइंस विषय) की परीक्षा में राष्ट्रीय स्तर पर 27वां स्थान तथा उत्तराखण्ड में प्रथम स्थान हासिल किया है।

Ankita Rana of Guptkashi got 27th rank in CSIR-UGC NET 2025

अंकिता राणा रुद्रप्रयाग जिले के गुप्तकाशी क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम नारायणकोटि की मूल निवासी हैं। अंकिता ने अपनी कड़ी मेहनत से CSIR-UGC NET 2025 (मैथमेटिकल साइंस विषय) की कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की है। उन्होंने इस परीक्षा में राष्ट्रीय स्तर पर 27वीं रैंक हासिल की और प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया है। रुद्रप्रयाग जिले की होनहार बेटी अंकिता राणा के पिता राजेन्द्र सिंह राणा अपनी बेटी की उपलब्धी पर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

केदारघाटी का बढ़ाया मान

अंकिता राणा ने अपनी इस उपलब्धि से अपने परिजनों सहित पूरे केदारघाटी का मान बढ़ाया है। नारायणकोटि जैसी छोटी पहाड़ी बस्ती से निकलकर देश की सबसे चुनौतीपूर्ण परीक्षाओं में सफलता पाना आसान नहीं था। लेकिन अंकिता ने कठिन परिस्थितियों, सीमित संसाधनों के बावजूद यह सफलता हासिल की है।

शोध कार्यों के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना

अंकिता के शिक्षकों का कहना है कि अंकिता की सफलता इस बात का सशक्त उदाहरण है कि अगर संकल्प दृढ़ हो और मेहनत निरंतर की जाए तो मंज़िल चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हो, उसे पाया जा सकता है। अंकिता बताती हैं कि उनका सपना शोध कार्यों और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का है। वे चाहती हैं कि आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि पहाड़ की और बेटियां भी शिक्षा के क्षेत्र में आगे आएं और अपने सपनों को साकार करें।