उत्तराखंड देहरादूनHotels and shops destroyed due to cloudburst in Sahastradhara Dehradun

देहरादून: सहस्रधारा क्षेत्र में बादल फटने से मची तबाही, कई होटल और दुकानें हुई ध्वस्त

सहस्रधारा क्षेत्र में बादल फटने के बाद पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा बाजार में आ गया। इस हादसे में दो से तीन बड़े होटल क्षतिग्रस्त हो गए और बाजार में बनी 7 से 8 दुकानें पूरी तरह ध्वस्त हो गईं। घटना के दौरान बाजार में करीब 100 लोग फंस गए थे..

Cloudburst in Sahastradhara: Hotels and shops destroyed due to cloudburst in Sahastradhara  Dehradun
Image: Hotels and shops destroyed due to cloudburst in Sahastradhara Dehradun (Source: Social Media)

देहरादून: देहरादून के सहस्रधारा क्षेत्र में देर रात बादल फटने से भारी तबाही मच गई। अचानक आए मलबे ने मुख्य बाजार को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे कई होटल और दुकानें ध्वस्त हो गईं। घटना ने पूरे इलाके में अफरा तफरी मचा दी। मौके पर राहत और बचाव कार्य अब भी जारी है।

Hotels and shops destroyed due to cloudburst in Sahastradhara, Dehradun

जानकारी के अनुसार सोमवार देर रात करीब साढ़े 12 से 1 बजे के बीच देहरादून के सहस्रधारा क्षेत्र में बादल फटने के बाद पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा बाजार में आ गया। इस हादसे में दो से तीन बड़े होटल क्षतिग्रस्त हो गए और बाजार में बनी 7 से 8 दुकानें पूरी तरह ध्वस्त हो गईं। घटना के दौरान बाजार में करीब 100 लोग फंस गए थे। हालांकि स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया। प्रारंभिक सूचना में एक से दो लोगों के लापता होने की बात सामने आई है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है। लापता लोगों की खोज जारी है।

बादल फटने के कारण उफान पर क्षेत्र की नदियां

आपदा कंट्रोल रूम ने सूचना मिलते ही मौके के लिए एसडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीम रवाना कर दी गई थी। लेकिन रास्ते पर मलबा आने से राहत दल मौके तक नहीं पहुंच सका। लोक निर्माण विभाग (PWD) की जेसीबी मशीनें मौके पर पहुंची और मलबा हटाकर रास्ता खोलने का कार्य शुरू किया। बादल फटने के कारण क्षेत्र की नदियाँ भी उफान पर हैं। तमसा नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। देहरादून का प्रसिद्ध टपकेश्वर मंदिर जलमग्न हो गया और शिवलिंग तक पानी पहुंच गया। प्रशासन ने मंदिर परिसर को पूरी तरह खाली करा दिया है। उधर, आईटी पार्क क्षेत्र में भी भारी मात्रा में मलबा आने से सॉन्ग नदी का जलस्तर बढ़ गया। पुलिस ने आसपास रहने वालों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

मलबे में दबने से एक मजदूर की मौत

इसके अलावा मसूरी के झड़ीपानी क्षेत्र में भी सोमवार देर रात भारी बारिश से हादसा हुआ। यहां मजदूरों के अस्थायी आवासों पर मलबा गिर गया। इस हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस और स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर घायल को अस्पताल पहुंचाया।

मुख्यमंत्री ने किया दुख व्यक्त

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहस्रधारा में बादल फटने की घटना पर सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट की। उन्होंने लिखा “देहरादून के सहस्रधारा में देर रात हुई अतिवृष्टि से कुछ दुकानों को नुकसान पहुंचने की दुखद सूचना प्राप्त हुई है। जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और पुलिस मौके पर मौजूद हैं और राहत–बचाव कार्यों में जुटे हैं। मैं लगातार प्रशासन से संपर्क में हूं और स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहा हूं। ईश्वर से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं।”

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