उत्तराखंड कोटद्वारpensioner install public chairs nigam called them encroachment

उत्तराखंड: अपनी पेंशन से बुजुर्ग ने लगाई सार्वजनिक कुर्सियां, अतिक्रमण बता निगम ने हटाई

"नगर निगम की गाड़ियां आई हैं, वे बेंच उखाड़कर ले जा रहे हैं। मैं आपत्ति नहीं कर रहा हूं, इनको जो चाहिए उठा ले जाएं। ये मैंने सार्वजनिक सुविधा के लिए लगाई थीं, लेकिन ये लोग बहुत गलत काम कर रहे हैं।"

Kotdwar Municipal Corporation: pensioner install public chairs nigam called them encroachment
Image: pensioner install public chairs nigam called them encroachment (Source: Social Media)

कोटद्वार: उत्तराखंड के कोटद्वार से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में नगर निगम की टीम एक कॉलोनी से कुर्सियां और बेंच उखाड़कर ले जाती नजर आ रही है, जिनको एक बुजुर्ग ने सार्वजानिक सुविधा के लिए लगाया था। सोशल मीडिया पर यूजर्स निगम की इस कार्रवाई को गलत बता रहे हैं।

pensioner install public chairs nigam called them encroachment

जानकारी के अनुसार, पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार निवासी एक बुजुर्ग ने अपनी पेंशन का हिस्सा बचाकर कुछ कुर्सियां और बेंच खरीदीं। उनका मकसद था कि राहगीरों, बच्चों और बुजुर्गों को बैठने की सुविधा मिल सके। उन्होंने इन्हें कॉलोनी के सार्वजनिक स्थान पर लगवा दिया, ताकि आम लोग इसका लाभ ले सकें। लेकिन, नगर निगम ने इन बेंच और कुर्सियों को अतिक्रमण मानते हुए इसपर कार्रवाई की। निगम की टीम मौके पर मौके पर पहुंची और सभी कुर्सियां-बेंच उखाड़कर अपने साथ ले गईं।

सार्वजनिक सुविधा के लिए लगाई थी कुर्सियां

इस पूरी कार्रवाई का वीडियो बुजुर्ग ने अपने मोबाइल से रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। वायरल वीडियो में बुजुर्ग व्यक्ति बता रहे हैं कि “नगर निगम की गाड़ियां आई हैं, वे बेंच उखाड़कर ले जा रहे हैं। मैं आपत्ति नहीं कर रहा हूं, इनको जो चाहिए उठा ले जाएं। ये मैंने सार्वजनिक सुविधा के लिए लगाई थीं, लेकिन ये लोग बहुत गलत काम कर रहे हैं। मैं इनकी शिकायत नहीं करूंगा।” बुजुर्ग की आवाज में झलकती बेबसी और दुख ने हर किसी को झकझोर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया यूजर्स नगर निगम की इस कार्रवाई को गलत बताते हुए नाराजगी जता रहे हैं।

जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहता है निगम

सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि नगर निगम अक्सर अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में नाकाम रहता है, लेकिन जब आम लोग मदद के लिए आगे आते हैं तो उनकी पहल पर रोक लगा दी जाती है। जब कोई व्यक्ति अपनी इच्च्छा और क्षमता से समाज के लिए कुछ करता है तो निगम को उसका सहयोग करना चाहिए। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या समाजहित में की गई कोई भी व्यक्तिगत पहल को भी अतिक्रमण मान लिया जाएगा?