उत्तराखंड उधमसिंह नगरDaughter-in-law murdered for dowry

उत्तराखंड: दहेज के लिए कर दी बहू की हत्या, सास-ससुर और पति को आठ साल की सजा

ससुराल वाले विशुका को शादी के बाद दहेज़ के लिए शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न करने लगे। जब उसने दहेज के लिए मना किया तो, आरोपियों के उसकी हत्या कर दी।

Vishuka Murder Case: Daughter-in-law murdered for dowry
Image: Daughter-in-law murdered for dowry (Source: Social Media)

उधमसिंह नगर: उत्तराखंड के उधम सिंह नगर से जुड़े एक दहेज हत्या मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने विवाहिता की हत्या के दोषी पाए गए पति, सास और ससुर को आठ-आठ साल की कारावास की सजा सुनाई है।

Daughter-in-law murdered for dowry

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) अनिल सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पीलीभीत के अमरिया थाना क्षेत्र स्थित नगरिया कॉलोनी निवासी मनमोहनी ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी विशुका मंडल का विवाह 3 फरवरी 2020 को सितारगंज के ग्राम गुरुग्राम नंबर दो निवासी संजीत मंडल (पुत्र ठाकुर मंडल) के साथ हुआ था। विवाह में सामर्थ्य अनुसार दहेज भी दिया गया था।

सोती हुई विशुका की हत्या

विवाह के बाद से ही पति संजीत मंडल, ससुर ठाकुर मंडल और सास बीना लगातार विशुका को प्रताड़ित करने लगे। ससुरालियों ने विशुका को 3 लाख रुपये और एक बुलेट बाइक लाने का दबाव बनाया। जब पीड़िता ने इसके लिए इंकार किया, तो ससुराल वाले उसके साथ शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न करने लगे। 8 जुलाई 2020 की रात जब विशुका सो रखी थी, तब आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन जब ससुराल पहुँचे, तो उन्होंने विशुका को मृत पाया। विशुका के शरीर और सिर पर चोट के निशान पाए गए।

कोर्ट ने सुनाई 8 साल के कारावास की सजा

मनमोहनी द्वारा दी गई तहरीर के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। जाँच के बाद पुलिस ने चार्जशीट अदालत में दाखिल की। द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मीना देऊपा की अदालत में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मीना देऊपा की अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों को परखने के बाद विशुका के पति, ससुर और सास तीनों आरोपियों को आठ-आठ साल के कारावास की सजा सुनाई है।