चमोली: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र में बादल फटने से प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की और पीड़ित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। नंदानगर आपदा में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, और 11 लोग घायल हुए हैं, जिनका उपचार स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है।
CM inspected disaster affected areas in Nanda Nagar
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को यानि आज कुरुड हेलीपैड के माध्यम से नंदानगर क्षेत्र पहुंचे। यहां सीएम ने आपदा प्रभावितों से भेंट कर उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने आपदा से प्रभावित परिवारों से बातचीत की और राहत सामग्री एवं पुनर्वास के इंतज़ामों की जानकारी ली। CM ने पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में सरकार उनके साथ खड़ी है और उन तक हर संभव मदद पहुंचाई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को तेज़ी से राहत कार्य चलाने और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। सीएम ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि पीड़ितों को तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए साथ ही विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति को शीघ्र बहाल किया जाए। अधिकारियों को राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
7 लोगों की मौत और 11 घायल
राज्य आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने जानकारी दी कि गुरुवार को हुई इस घटना में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, और 11 लोग घायल हुए हैं, जिनका उपचार स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है। क्षेत्र के 45 भवन और 15 गौशालाएँ क्षतिग्रस्त हुई हैं। साथ ही, 28 पशु लापता बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश के लिए जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, स्थानीय पुलिस और मेडिकल टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री और आवश्यक सामान उपलब्ध कराया जा रहा है। हेलीकॉप्टर के माध्यम से कुछ ज़रूरी सामान पहले ही पहुंचाया जा चुका है।
राहत और बचाव कार्य जारी
चमोली पुलिस के अनुसार, बुधवार रात को नंदानगर घाट क्षेत्र में बादल फटने से भारी तबाही हुई थी। तेज़ बारिश और भूस्खलन के कारण कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। जिला प्रशासन ने बताया कि कुंतरी लगाफली वार्ड में छह आवासीय मकान मलबे में दब गए। नंदानगर क्षेत्र में राहत और बचाव कार्य दूसरे दिन भी जारी रहे। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें कुंतरी और धूर्मा गांवों में मलबे के नीचे दबे लोगों को खोजने के प्रयासों में जुटी हैं।