रुद्रपुर: पुलिस ने नाबालिग को जाल में फंसाकर शारीरिक शोषण के एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। खास बात यह है कि आरोपी स्वयं भी नाबालिग है। अब पुलिस उसके परिजनों से भी पूछताछ कर रही है। एसएसपी मणिकांत मिश्रा के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में कोतवाली रुद्रपुर पुलिस ने त्वरित एवं निर्णायक कार्रवाई करते हुए आरोपी बाल अपचारी को विधिक प्रावधानों के तहत संरक्षण में लिया।
Minor pawn of love jihad arrested
प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी नाबालिग लड़कियों को झूठे प्रेम संबंधों में फंसाकर शारीरिक शोषण करता था तथा उनकी फोटो-वीडियो का दुरुपयोग करके ब्लैकमेलिंग करता था। आरोपी सोशल मीडिया का दुरुपयोग एवं प्रेम-प्रपंच का जाल रचकर संपर्कस्थापित करता था। पहले उन्हें मित्रता और विश्वास में लेकर झूठे वादों के आधार पर प्रेम संबंधों के जाल में फंसाता और धीरे-धीरे दबाव बनाकर शारीरिक संबंध बनाता तथा आपत्तिजनक फोटो-वीडियो तैयार करता था। इसके बाद आरोपी पीड़िताओं की फोटो और वीडियो को एडिटिंग की मदद से फर्जी तरीके से तैयार करता। इन्हीं फर्जी फोटो-वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर पीड़िताओं को ब्लैकमेल करता और उन्हें अपनी अवैध मांगें मानने पर मजबूर करता था।
कई लड़कियों का कर चुका है शोषण
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि मुलाकात के दौरान वह पीड़िताओं को कोल्ड ड्रिंक अथवा अन्य पेय पदार्थों में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाता था। इसके बाद वह उन्हें अचेत अवस्था में ले जाकर आपत्तिजनक फोटो एवं वीडियो तैयार कर ब्लैकमेल करता था। वह कई अन्य नाबालिग लड़कियों से भी संपर्क कर उन्हें अपने जाल में फंसा चुका था और उनका भी शारीरिक शोषण कर चुका था।
आरोपी के परिजनों से पूछताछ
बीते 24 घंटों में पुलिस ने बाल अपचारी के पूरे परिवार से गहन पूछताछ की है। परिजनों के बैंक खातों की जांच की जा रही है, ताकि संदिग्ध लेन-देन का पता लगाया जा सके। साथ ही परिवार की चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है, जिससे आरोपी के आपराधिक नेटवर्क और आर्थिक स्रोतों का पूरा खुलासा किया जा सके। टीम साइबर क्राइम और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से आरोपी के मोबाइल, सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल डिवाइस की भी जांच कर रही है, ताकि अन्य संभावित पीड़िताओं की पहचान की जा सके। प्राथमिक जांच में आरोपी से बरामद मोबाइल फोन से कई आपत्तिजनक फोटो एवं वीडियो प्राप्त हुए हैं, जिनमें पीड़िताओं को ब्लैकमेल करने की सामग्री शामिल है। बरामद मोबाइल को फॉरेंसिक जांच हेतु भेजा जा रहा है, ताकि सभी डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित कर आगे की कार्रवाई में प्रयुक्त किया जा सके।
गौरतलब है कि धामी सरकार ने लव जिहाद जैसे संवेदनशील अपराधों पर शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई है। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि इस प्रकार के प्रकरणों में किसी भी स्तर पर कोताही न बरती जाए और त्वरित व कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।