देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में प्रदेशभर में लगातार हंगामा मचा हुआ है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह पेपर लीक का नहीं बल्कि नकल का मामला है।
Its Cheating not UKSSSC paper leak: CM Dhami
मुख्यमंत्री धामी ने गुरूवार को देहरादून में पंडित दीनदयाल उपाध्याय शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह के दौरान पहली बार UKSSSC पेपर लीक मामले पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा उसे “पेपर लीक तब माना जाता, अगर प्रश्नपत्र सुबह 9 या 10 बजे बाहर आ जाता। यहां मामला 10:30–10:45 बजे का है। इसलिए इसे पेपर लीक कहना सही नहीं है। इसे नकल का प्रकरण कह सकते हैं और नकल के लिए हमने कानून बनाया है। इस मामले में सख्त कार्रवाई होगी।”
होगी सख्त कार्रवाई
CM धामी ने कहा कि यदि किसी के पास प्रश्नपत्र के पन्ने थे, तो उसकी जिम्मेदारी थी कि वह तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचित करता, लेकिन कई घंटों तक यह बात छुपाई गई। बाद में इसे एक एजेंडे के तहत सोशल मीडिया पर वायरल कर पूरे सिस्टम को बदनाम करने की कोशिश की गई। एक ओर जहां सरकार इस मामले को पेपर लीक नहीं बल्कि नकल का मामला बता रही है, क्योंकि प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने के बाद बाहर गया। मामले नक़ल विरोधी कानून के तहत सख्त कार्रवाई होगी। वहीं विपक्ष और युवाओं का कहना है कि चाहे इसे पेपर लीक कहें या नकल, असली नुकसान मेहनती अभ्यर्थियों का हो रहा है और भर्ती प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा टूट रहा है।
पेपर लीक या नकल, नुकसान छात्रों का
आपको बता दें कि आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज, बहादुरपुर जट (हरिद्वार) केंद्र के कक्ष संख्या 9 से आरोपी खालिद द्वारा पेपर लीक करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं इस मामले में असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन, परियोजना निदेशक के.एन. तिवारी, दारोगा और एक कांस्टेबल को निलंबित किया गया है।