उत्तरकाशी: दिल्ली उत्तराखंड लाइव न्यूज़ पत्रकार राजीव प्रताप बीते दस दिनों से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता थे। आज रविवार को जोशियाड़ा बैराज की झील से उनका शव बरामद किया गया है। पुलिस इतने दिनों उन्हें लगातार तलश कर रही थी, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला पाया, अब वे मृत पाए गए हैं।
Journalist Rajiv Pratap's body recovered from Joshiada Barrage
जानकारी के अनुसार आज रविवार 28 सितम्बर को सुबह करीब 10:40 बजे उत्तरकाशी आपदा प्रबंधन विभाग को सूचना मिली कि बैराज की झील में एक शव तैरता हुआ दिखाई दे रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस, एनडीआरएफ और आपदा प्रबंधन विभाग की क्यूआरटी टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर शव को झील से बाहर निकाला। शव को झील से निकालने के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी भेजा गया। कोतवाली उत्तरकाशी में तैनात एसआई दिलमोहन बिष्ट ने बताया कि मौके पर पहुंचे स्वजनों ने शव की पहचान पत्रकार राजीव प्रताप के रूप में की है।
18 सितंबर की रात हुए थे लापता
गौरतलब हो कि बीते 18 सितंबर की रात करीब 11 बजे राजीव प्रताप अचानक लापता हो गए थे। बताया गया था कि उन्होंने अपने एक परिचित से कार लेकर गंगोत्री की ओर रुख किया था। अगले दिन उनकी कार स्यूंणा गांव के पास भागीरथी नदी में खाली अवस्था में मिली। जिसके बाद पत्रकार के स्वजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज किया। मामले की परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस ने बाद में केस को अपहरण की धाराओं में परिवर्तित कर दिया।
पत्रकारिता जगत में शोक की लहर
कोतवाली उत्तरकाशी पुलिस, मनेरी थाना पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की संयुक्त टीमों ने कई दिनों तक नदी और आसपास के क्षेत्रों में सर्च अभियान चलाया, लेकिन उनका कुछ भी पता नहीं लग पाया। पुलिस टीम द्वारा लगातार खोजबीन के बावजूद कोई सुराग न मिलने से परिवारजन गहरी चिंता में थे। अब आज करीब दस दिन बाद यह शव मिलने से रहस्य और भी गहरा गया है। इस घटना के उजागर होने के बाद पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उत्तरकाशी पुलिस टीम इस मामले की जांच कर रही है।