ऋषिकेश: मिस ऋषिकेश प्रतियोगिता के रिहर्सल के दौरान राष्ट्रीय हिंदू शक्ति संगठन के कुछ कार्यकर्ता अचानक कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। जहां उन्होंने जमकर हंगामा किया और आपत्ति जताई कि यह कार्यक्रम "उत्तराखंड की संस्कृति के विरुद्ध" है। आपको बता दें कि इस कार्यक्रम का आयोजन लायंस क्लब रॉयल ऋषिकेश द्वारा पिछले पाँच सालों से किया जा रहा है।
Hindu organization protests fashion show in Rishikesh
जानकारी के अनुसार देहरादून रोड स्थित एक होटल में फैशन शो (मिस ऋषिकेश प्रतियोगिता) ऑडिशन में चल रहा था। वेस्टर्न ड्रेस में रैंप वॉक कर रही मॉडल्स के बीच अचानक हिंदू रक्षा संगठन के कार्यकर्ता पहुंचे और इस कार्यक्रम का विरोध करने लगे। उसके बाद उनके और आयोजन समिति के बीच तीखी बहस हुई। हंगामा इतना बढ़ गया कि पुलिस मौके पर पहुंच गई, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति संभाली। क्लब अध्यक्ष पंकज चंदानी ने इस कार्यक्रम को सामान्य ऑडिशन बताते हुए कहा कि संगठन का विरोध बेबुनियाद है। मिस ऋषिकेश ऑडिशन के आयोजकों और प्रतिभागियों ने तर्क दिया कि जब उनके अभिभावकों को आपत्ति नहीं, तो दूसरों को क्यों है।
प्रतिभागियों के कपड़ों पर आपति
लायंस क्लब के निदेशक धीरज मखीजा ने मीडिया को बताया कि दोपहर करीब दो बजे राष्ट्रीय हिंदू शक्ति संगठन के तीन कायकर्ता स्थल पर पहुंचे। उस समय प्रतिभागी और कोरियोग्राफर मंच अभ्यास में व्यस्त थे। धीरज मखीजा ने बताया, “समूह के सदस्यों में से एक, अध्यक्ष राघव भटनागर, ने प्रतिभागियों द्वारा पहने गए कपड़ों पर आपत्ति जतानी शुरू कर दी। हमने समझाने की कोशिश की कि यह कोई असंस्कारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि ये उन स्थानीय महिलाओं के लिए एक मंच है जो भविष्य में बड़ी फैसन शो प्रतियोगिताओं में भाग लेना चाहती हैं।” उन्होंने बताया कि यह फैसन शो प्रतियोगिता लायंस दिवाली मेले का हिस्सा है, और इस कार्यक्रम की पाँच टॉप प्रतिभागियों को मिस उत्तराखंड प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिलता है,”।
सोशल मीडिया पर वायरल विडियो
फैशन शो के रिहर्सल के दौरान हुई झड़प का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में संगठन का अध्यक्ष राघव भटनागर प्रतिभागियों से कहते दिख रहे हैं कि उनके कपड़े उत्तराखंड की संस्कृति के खिलाफ है और तीर्थों के इस शहर में ऐसा कार्यक्रम नहीं चल सकता है। राघव भटनागर ने यह भी कहा कि ऐसे कार्यक्रम अपने घरों में करें। जब मीडिया ने उनसे बात करने की कोशिश की, तो उन्होंने कहा कि वे “उन लोगों से बात नहीं करेंगे जो उत्तराखंड की संस्कृति को नहीं समझते।”
पुलिस ने सुलझाया मामला
इस फैशन शो कार्यक्रम समन्वयक ने जवाब दिया कि प्रतियोगिता प्रतिभागियों के अभिभावकों की अनुमति से आयोजित की जा रही है और इसका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं है। मौके पर पहुंची पुलिस ने बताया कि इस मामले में किसी भी पक्ष ने कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। दोनों पक्षों के बीच आपसी बातचीत के बाद विवाद सुलझा लिया गया है।