उत्तराखंड देहरादूनDehradun teacher defrauds Rs 47 crore

देहरादून में शिक्षक ने की 47 करोड़ की ठगी, पत्नी के नाम पर खोली कंपनी.. पकड़ में आया जालसाज

एसएसपी अजय सिंह ने बताया, “जगमोहन सिंह ने अपने शिक्षक पद की आड़ में लोगों का विश्वास हासिल किया। उसने सरकारी योजनाओं के नाम पर झूठे दस्तावेज़ और फर्जी स्कीमें दिखाकर जनता से करोड़ों रुपये ठगे।

Doon Samriddhi Nidhi Limited: Dehradun teacher defrauds Rs 47 crore
Image: Dehradun teacher defrauds Rs 47 crore (Source: Social Media)

देहरादून: दून समृद्धि निधि लिमिटेड नामक माइक्रो फाइनेंस कंपनी के घोटाले के मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जो कि पेशे से शिक्षक है। आरोपी देहरादून में बीते तीन सालों से सरकारी योजनाओं, निवेश और सरकारी बैंकों से अधिक ब्याज देने के नाम पर हजारों लोगों के साथ ठगी कर रहा था। ये कंपनी अब तक हजारों लोगों से करोड़ों रूपये ठग चुकी है.

Dehradun teacher defrauds Rs 47 crore

जानकारी के अनुसार आरोपी ने अपनी पत्नी के नाम पर दून समृद्धि निधि लिमिटेड (पंजीकृत नाम: सर्व माइक्रोफाइनेंस इंडिया एसोसिएशन) नाम की एक चिटफंड कंपनी बनाई थी। इस कंपनी के माध्यम से उसने सुकन्या समृद्धि योजना, आरडी, एफडी और अन्य सरकारी योजनाओं के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये जमा कराए। साल 2022 में जगमोहन सिंह ने संस्कार एन्कलेव, दून यूनिवर्सिटी रोड पर इस का कार्यालय खोला। कंपनी ने लोगों को आकर्षित करने के लिए आरडी, एफडी और डीडीएस खातों के नाम पर निवेश योजनाएं शुरू कीं।

हजारों लोग कर चुके थे निवेश

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने लोगों से दावा किया था कि उनका कुमाऊं में रियल एस्टेट कारोबार है, वहां फ्लैट बनाए जा रहे हैं। जहां निवेश करने पर निवेशकों को रिटर्न में बड़ी रकम मिलेगी। आरोपी के झांसे में आकर लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई उसमें निवेश करना शुरू कर दिया। पहले कुछ महीनों तक लोगों को रिटर्न दिए गए, जिससे लोगों का भरोसा और बढ़ गया। धीरे-धीरे योजना का दायरा बढ़ता गया और करीब 15,000 लोगों ने इसमें निवेश कर दिया।

घोटाले में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी

लेकिन बाद में लंबे समय तक रिटर्न नहीं मिलने पर निवेशकों को संदेह हुआ, जिसके बाद बीते शनिवार को वे लोग शिकायत लेकर एसएसपी देहरादून अजय सिंह के पास पहुंचे। जांच में सामने आया कि कंपनी ने बिना किसी वैध अनुमति

टिहरी गढ़वाल का मूल निवासी है मुख्य आरोपी

के वित्तीय योजनाएं चला रखी थीं। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी जगमोहन सिंह चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को शक है कि आरोपी के साथ कई अन्य लोग भी इस घोटाले में शामिल हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अब तक करीब 47 करोड़ रुपये की ठगी की है, जबकि कुल घोटाला 150 करोड़ रुपये तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। मुख्य आरोपी की पहचान जगमोहन सिंह चौहान (55 वर्ष) के रूप में हुई है, जो टिहरी गढ़वाल जिले के नरेंद्रनगर थाना क्षेत्र में स्थित सटेन गजा गांव का मूल निवासी है। जबकि वर्तमान में ई-ब्लॉक, सरस्वती विहार, नेहरू कॉलोनी, देहरादून में रह रहा था। पुलिस ने बताया कि जगमोहन सिंह का पेशा शिक्षक था। सूत्रों के अनुसार, आरोपी के दो बच्चे हैं जो उत्तराखंड के एक प्रसिद्ध मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि ठगी से जुटाई गई रकम का एक हिस्सा उनके महंगे शिक्षा खर्चों में भी लगाया गया।

शिक्षक पद की आड़ में जीता लोगों का विश्वास

एसएसपी अजय सिंह ने बताया, “जगमोहन सिंह ने अपने शिक्षक पद की आड़ में लोगों का विश्वास हासिल किया। उसने सरकारी योजनाओं के नाम पर झूठे दस्तावेज़ और फर्जी स्कीमें दिखाकर जनता से करोड़ों रुपये ठगे। जांच में अब तक 47 करोड़ रुपये की ठगी की पुष्टि हुई है, जबकि वास्तविक रकम इससे कई गुना अधिक हो सकती है।” पुलिस अब आरोपी की संपत्ति और बैंक खातों की जांच कर रही है। साथ ही, दून समृद्धि निधि लिमिटेड से जुड़े अन्य निदेशकों और एजेंटों को भी पूछताछ के लिए नोटिस भेजे गए हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या कंपनी की कोई शाखा अन्य जिलों या राज्यों में भी संचालित की जा रही थी।