रुद्रप्रयाग: अगस्त्यमुनि में सोशल मीडिया पर हैदराबाद से जुड़ा दो साल पुराना अश्लील वीडियो एक स्थानीय युवती का बताकर वायरल करने के मामले ने सनसनी फैला दी है। पुलिस ने 11 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, जिनमें एक दमकल कर्मी, 4 व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन और 6 नाबालिग युवक शामिल हैं।
video from Hyderabad viral as that of girl from Agastyamuni
जानकारी के अनुसार बीते 29 अगस्त को रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि क्षेत्र के निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि सोशल मीडिया पर एक अश्लील वीडियो को उनकी बेटी से जोड़कर वायरल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वीडियो में दिख रही युवती का उनकी बेटी से कोई संबंध नहीं है, लेकिन अफवाह फैलाकर उनकी बेटी और परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
हैदराबाद से 2023 में हुआ था वायरल
शिकायतकर्ता ने कहा कि झूठी अफवाहों फैलने के कारण उनकी बेटी को समाज में शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है। पीड़िता के पिता द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर अगस्त्यमुनि थाने की पुलिस ने मामला दर्ज कर, जांच शुरू की। पुलिस द्वारा की गई जांच में पता चला कि वायरल वीडियो हैदराबाद का है और साल 2023 में वायरल हुआ था। हैदराबाद के इस विडियो को कुछ युवकों ने स्थानीय युवती को बदनाम करने के लिए वायरल किया था। इस घटना से पीड़ित युवती और उसके परिवार को मानसिक और सामाजिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।
11 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
इस मामले की जांच के दौरान पुलिस को दो नामजद युवकों के अलावा नौ अन्य युवकों की जानकारी प्राप्त हुई, जिन्होंने ये विडियो स्ताहनीय युवती का बताकर वायरल किया था। पुलिस ने सुभांत निवासी ग्राम धरसाल, आदित्य सिंह निवासी ग्राम जयकंडी, गौरव निवासी ग्राम रायड़ी, हर्षु लाल निवासी ग्राम फलई, और दमकल कर्मी भरत भंडारी निवासी ग्राम रायड़ी सहित 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इनमें से छह आरोपी नाबालिग हैं, जबकि शेष में चार व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन शामिल हैं। अधिकांश आरोपी स्नातक प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्र बताए जा रहे हैं।
आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा
रुद्रप्रयाग जिले के एसपी अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने 11 आरोपियों के खिलाफ महिला का अपमान, निजता का उल्लंघन और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने या किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले आरोपियों को बर्दास्त नहीं किया जाएगा।