उत्तराखंड चमोलीSecurity forces in action in Chamoli after Delhi blast

Uttarakhand News: दिल्ली धमाके के बाद चमोली में एक्शन, सुरक्षा बलों की बदरीनाथ धाम में संयुक्त ड्रिल

दिल्ली धमाके के तुरंत बाद सोमवार देर रात से ही चमोली जिले के प्रवेश द्वारों—गैरसैंण, ग्वालदम, मंडल रोड और गौचर में पुलिस ने सघन चेकिंग शुरू कर दी थी। सभी वाहनों और यात्रियों की गहन जांच की जा रही है..

Delhi blast: Security forces in action in Chamoli after Delhi blast
Image: Security forces in action in Chamoli after Delhi blast (Source: Social Media)

चमोली: दिल्ली में सोमवार शाम हुए धमाके के बाद उत्तराखंड के चमोली जिले में पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने जिले भर में सतर्कता बढ़ाते हुए प्रमुख धार्मिक और पर्यटक स्थलों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है। आज मंगलवार को बदरीनाथ धाम में असम राइफल्स, बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad), पुलिस बल और एसडीआरएफ (State Disaster Response Force) की टीमों ने संयुक्त सुरक्षा अभ्यास (Security Drill) किया। इस ड्रिल का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने की तैयारी को परखना था।

Security forces in action in Chamoli after Delhi blast

गौरतलब हो कि बीते सोमवार 10 नवंबर 2025 की शाम करीब 7 बजे दिल्ली के लाल किले के पास एक कार में जबरदस्त धमाका हुआ, जिसमें अब तक 12 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। यह विस्फोट एक i20 कार में हुआ जो ट्रैफिक सिग्नल पर खड़ी थी, जिससे आसपास की कई गाड़ियाँ और ऑटो-रिक्शा भी जल गए। शुरुआती जांच में यह सामने आया कि कार में एक IED (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) रखा गया था, जो संभवतः गलती से या पैनिक में फट गया। पुलिस ने कार के मालिक सलमान को हिरासत में लिया है और मामला आतंकवाद विरोधी कानून (UAPA) के तहत दर्ज किया गया है। घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिवारों के प्रति शोक जताया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। पूरे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया है, और जांच एजेंसियाँ इस विस्फोट की पृष्ठभूमि और संभावित साजिश की गहराई से जांच कर रही हैं। दिल्ली में ब्लास्ट के बाद चमोली जिले में भी पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गए हैं।

प्रवेश द्वारों पर सघन चेकिंग

दिल्ली धमाके के तुरंत बाद सोमवार देर रात से ही चमोली जिले के प्रवेश द्वारों—गैरसैंण, ग्वालदम, मंडल रोड और गौचर में पुलिस ने सघन चेकिंग शुरू कर दी थी। सभी वाहनों और यात्रियों की गहन जांच की जा रही है ताकि कोई संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु जिले की सीमा में प्रवेश न कर सके। उसके बाद आज मंगलवार 11 नवम्बर को सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए बदरीनाथ धाम में बम निरोधक दस्ता और असम राइफल्स की टीमों को तैनात कर दिया गया। इसके साथ ही ज्योतिर्मठ क्षेत्र में भी पुलिस और बम निरोधक दस्ते द्वारा व्यापक चेकिंग अभियान चलाया गया। जिले के अन्य प्रवेश द्वारों और राष्ट्रीय राजमार्ग (हाईवे) पर भी पुलिस ने सुरक्षा जांच तेज कर दी है। कई स्थानों पर वाहनों की तलाशी ली जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।

धार्मिक स्थलों पर विशेष निगरानी

चमोली जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि यह अभियान सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। बदरीनाथ धाम और आसपास के क्षेत्रों में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने चौकसी बढ़ा दी है। उन्होंने बताया कि “हमारी प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा है। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु को जिले की सीमा में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी,” सीसीटीवी कैमरों की मदद से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। इसके अलावा सुरक्षा कर्मियों को भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए विशेष दिशा निर्देश दिए गए हैं।