उत्तराखंड देहरादूनIncrease in financial assistance to disaster victims

Uttarakhand: आपदा पीड़ितों की आर्थिक सहायता राशि में बढ़ोतरी, धामी कैबिनेट की इन प्रस्तावों को मंजूरी

सीएम कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया कि उत्तराखंड में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को अब पहले की तुलना में अधिक मुआवज़ा दिया जाएगा।

Cabinet Meeting: Increase in financial assistance to disaster victims
Image: Increase in financial assistance to disaster victims (Source: Social Media)

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने धाराली और राज्य के अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया कि हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले व्यक्तियों के परिवारों को अब पहले की तुलना में अधिक मुआवज़ा दिया जाएगा।

Increase in financial assistance to disaster victims

बीते बुधवार को देहरादून सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लगी। इस बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बीते महीनों में उत्तराखंड में आई आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को अब ₹4 लाख के बजाय ₹5 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह सहायता राशि सीधे प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे कठिन समय में आर्थिक रूप से कुछ राहत महसूस कर सकें।

व्यवसायिक भवनों को हुए नुकसान की भरपाई

मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, जिन लोगों के पक्के (स्थायी) मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उन्हें भी ₹5 लाख की सहायता राशि दी जाएगी। वहीं, कच्चे (अस्थायी) मकानों के मालिकों को आपदा राहत कोष के तहत मिलने वाली सामान्य सहायता राशि के अतिरिक्त मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹1 लाख अतिरिक्त प्रदान किया जाएगा। कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया कि आपदा के कारण व्यवसायिक भवनों को हुए नुकसान की भरपाई प्रत्येक मामले के अनुसार तय की जाएगी। यानी, नुकसान का आकलन करने के बाद ही प्रभावित व्यापारियों को उचित मुआवज़ा दिया जाएगा। आपदा प्रभावित परिवारों को मदद के अलावा कैबिनेट ने 11 अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है।

उत्तराखंड कैबिनेट के 11 प्रमुख निर्णय

टेंडर प्रक्रिया में नया विकल्प: अब बिड सिक्योरिटी के रूप में बैंक गारंटी या एफडीआर के साथ-साथ इंश्योरेंस सिक्योरिटी फॉर्म को भी स्वीकार किया जाएगा।
राजकोषीय नियोजन निदेशालय में संशोधन: उत्तराखंड बजट, राजकोषीय नियोजन एवं संसाधन निदेशालय के ढांचे में संशोधन को मंजूरी दी गई। आउटसोर्सिंग के माध्यम से एक अतिरिक्त चालक नियुक्त किया जाएगा।
कारागार विभाग में आईटी विंग का गठन: कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग के तहत नया सूचना प्रौद्योगिकी (IT) विंग बनाया जाएगा। इसमें दो कंप्यूटर प्रोग्रामर और दो कंप्यूटर सहायक के पद सृजित किए गए हैं।
अस्थायी कर्मचारियों के विनियमितिकरण नियमावली 2025 को मंजूरी: दैनिक वेतन, संविदा, नियत वेतन, अंशकालिक व तदर्थ कर्मचारियों के विनियमितिकरण संशोधन नियमावली 2025 को कैबिनेट ने मंजूरी दी।
बागवानी मिशन योजना में राज्य का अंशदान: केंद्र पोषित बागवानी मिशन योजना के तहत केंद्रांश की 40% राशि का भुगतान अब राज्य सरकार करेगी।
देवभूमि परिवार योजना की शुरुआत: राज्य में रहने वाले सभी परिवारों को एक “परिवार आईडी” प्रदान की जाएगी। इससे सरकार द्वारा परिवारों को मिलने वाले सभी लाभों की जानकारी एक जगह उपलब्ध होगी।
उत्तराखंड विधानसभा विशेष सत्र का सत्रावसान स्वीकृत: हाल ही में आयोजित विधानसभा विशेष सत्र के सत्रावसान (समापन) को कैबिनेट ने मंजूरी दी।
स्थानीय निकायों में लोक स्वास्थ्य के लिए पीएमयू गठन: शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य नीतियों की निगरानी और क्रियान्वयन के लिए Project Monitoring Unit (PMU) गठित की जाएगी।
पीएमयू की जिम्मेदारियां तय: नगर स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यों का पर्यवेक्षण, राज्य व केंद्र से प्राप्त धनराशि की मॉनिटरिंग, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मियों का प्रशिक्षण, शहरी निकायों में संचालित स्वास्थ्य योजनाओं की निगरानी
वित्तीय व्यवस्था में पारदर्शिता पर जोर: इंश्योरेंस सिक्योरिटी फॉर्म और नए ढांचे के माध्यम से राज्य की वित्तीय प्रणाली को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाने का प्रयास।
राज्य प्रशासन में तकनीकी और सामाजिक सशक्तिकरण: नए आईटी विंग, देवभूमि परिवार योजना और पीएमयू जैसे कदमों से प्रशासनिक ढांचे को तकनीकी रूप से मजबूत किया जाएगा।