उत्तराखंड नैनीतालDharmendra came to Nainital in 1987 for film Hukumat shooting

उत्तराखंड: जब धर्मेन्द्र की झलक के लिए भीड़ ने तोड़ दी छत, पहाड़ में लोगों ने याद किये पुराने किस्से

1987 में फिल्म हुकूमत की शूटिंग के लिए जब वह शहर पहुंचे थे, तब मल्लीताल, तल्लीताल से लेकर माल रोड तक हर जगह भीड़ सिर्फ उनकी एक झलक पाने के लिए उमड़ आई थी।

Dharmendra Passes Away: Dharmendra came to Nainital in 1987 for film Hukumat shooting
Image: Dharmendra came to Nainital in 1987 for film Hukumat shooting (Source: Social Media)

नैनीताल: नैनीताल में धर्मेंद्र की पुरानी यादें आज भी लोगों के दिलों में ज़िंदा हैं। 1987 में फिल्म हुकूमत की शूटिंग के लिए जब वह शहर पहुंचे थे, तो माहौल किसी त्योहार से कम नहीं था। मल्लीताल, तल्लीताल से लेकर माल रोड तक हर जगह भीड़ सिर्फ उनकी एक झलक पाने के लिए उमड़ आई थी।

Dharmendra came to Nainital in 1987 for film Hukumat shooting

दरअसल, 1987 में फिल्म हुकूमत फिल्म की शूटिंग के दौरान नैनीताल जिले के मल्लीताल रिक्शा स्टैंड पर भीड़ इतनी बढ़ गई कि वहां लगे पुराने शेड की छत दबाव में टूट गई और कई लोग गिर पड़े। मौके पर अफरा-तफरी मच गई, खुद अभिनेता धर्मेंद्र सबसे पहले लोगों की मदद के लिए आगे बढ़े। वह तुरंत भीड़ के बीच पहुंचे और घबराए लोगों से बार-बार पूछते रहे “किसी को चोट तो नहीं लगी?” उनका यह व्यवहार लोगों के दिलों में हमेशा के लिए बस गया।

1969 में भी आए थे नैनीताल

हुकूमत की शूटिंग के दौरान प्रेम चोपड़ा, सदाशिव अमरापुरकर, शम्मी कपूर और राजेंद्र कुमार जैसे कई बड़े सितारे Nainital Club में ठहरे थे। क्लब के बाहर रोज़ लंबी लाइनें लगती थीं, लेकिन धर्मेंद्र सबसे अलग थे। वे रोज़ बाहर आकर फैंस से मिलते, बच्चों को गोद में उठाते, बुज़ुर्गों का हाल पूछते और फोटो खिंचवाते। उनके सादगी भरे व्यवहार ने उन्हें शहर का चहेता बना दिया। अभिनेता धर्मेंद्र फिल्म हुकूमत की शूटिंग से पहले 1969 में आई फिल्म आदमी और इंसान की शूटिंग के लिए भी नैनीताल आए थे। Saira Banu के साथ उनके कई रोमांटिक और गीतों वाले दृश्य नैनीझील और आसपास की खूबसूरत लोकेशनों पर फिल्माए गए थे, जिन्हें आज भी सिनेमा प्रेमी याद करते हैं।

नैनीताल शहर में शोक की लहर

लेकिन बीते 24 नवंबर को जब अभिनेता धर्मेद्र के निधन की खबर आई, तो पूरे देश के साथ नैनीताल शहर में भी शोक की लहर दौड़ गई। लोगों ने उसी दिन मौके पर हुए पुराने किस्से फिर से याद किए — टूटी हुई छत, उत्साहित भीड़, और बीच में खड़ा वह सितारा जो लोगों की सुरक्षा के लिए चिंता कर रहा था। नैनीताल शहर के लिए अभिनेता धर्मेंद्र सिर्फ हिंदी सिनेमा का सुपरस्टार नहीं, बल्कि एक ऐसा इंसान थे जिसे नैनीताल ने अपने दिल का हिस्सा बना लिया था।