पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में जंगली जानवरों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है, कभी भालू तो कभी गुलदार लोगों में दहशत फैला रहा है। गुलदार की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए पौड़ी जिले में तो बच्चों की पढ़ाई बाधित होने की नौबत आ गई है। शिक्षा विभाग ने पौड़ी के लगभग 55 स्कूलों को मंगलवार तक बंद रखने का निर्णय लिया है, इस दौरान कक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से संचालित होंगे।
55 schools in Garhwal will remain closed until Tuesday
जानकारी के अनुसार बीते गुरूवार को पौड़ी के समीप स्थित चवथ ग्रामसभा में गुलदार ने एक युवक पर हमला किया था। गुलदार के हमले से युवक की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल छाया हुआ है, साथ ही इस घटना के बाद वन विभाग और प्रशासन दोनों ही सतर्क हैं। राजकीय प्राथमिक विद्यालय क्वाली के आस-पास भी गुलदार की गतिविधि बढ़ने की पुष्टि हुई है। ऐसी स्थिति में स्थानीय लोग अपने बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं। शिक्षा विभाग ने इस खतरे को देखते हुए क्षेत्र के 55 स्कूल बंद करने का फैसला लिया है।
ऑनलाइन चलेंगी छात्रों की कक्षाएं
शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार आगामी मंगलवार तक पौड़ी के 55 स्कूल बंद रहेंगे। बंद होने वाले स्कूलों में मुख्य रूप से संकुल बाडा, चरधार और ढांढरी के ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षण संस्थान शामिल हैं। उपशिक्षाधिकारी आनंद ने जानकारी दी कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल परिसर में पढ़ाई फिलहाल रोकी गई है लेकिन छात्रों की सभी कक्षाएँ ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जाएँगी। छात्रों की ऑनलाइन कक्षाएं चलने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।
स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्रों के समय में बदलाव
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने वन विभाग की रिपोर्टों और जंगली जानवरों की बढ़ती गतिविधि को देखते हुए, पूरे जनपद के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में अस्थायी बदलाव किया है। उन्होंने बीते शनिवार को आदेश जारी किया, जिसके अनुसार पौड़ी गढ़वाल जिले में स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्र सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेंगे। सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया है कि आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को स्पष्ट रूप से कहा है कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और किसी भी क्षेत्र में खतरा बढ़ने पर तुरंत रिपोर्ट की जाए।