रुद्रप्रयाग: जनपद रुद्रप्रयाग के दीपक सिंह बिष्ट ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर अपने परिजनों सहित पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि हर उस युवा के लिए प्रेरणा है, जो भारतीय सेना में शामिल होकर देश सेवा का सपना देखता है। दीपक सिंह ने 22 वर्षों तक भारतीय सेना में विभिन्न पदों पर बेहतरीन सेवा दी।
Deepak Singh Bisht become Lieutenant in Indian Army
देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में बीते 6 दिसंबर को भव्य पासिंग-आउट परेड (POP) आयोजित किया गया था। पासिंग-आउट परेड के दौरान दीपक सिंह बिष्ट को लेफ्टिनेंट के पद से सम्मानित किया गया। दीपक सिंह ने 22 वर्षों तक भारतीय सेना में राइफलमैन, लांस नायक, नायक और हवलदार जैसे विभिन्न पदों पर बेहतरीन सेवा दी। दीपक सिंह ने अपने इस सम्मान का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और अपनी यूनिट 6 गढ़वाल राइफल्स के सभी अधिकारियों और जवानों को दिया। उन्होंने विशेष रूप से पूर्व कमांडिंग ऑफिसर कर्नल नितिन शुभाष कालदाते, वर्तमान कमांडिंग ऑफिसर कर्नल दलजीत सिंह, मेजर पूरन सिंह थापा, सूबेदार मेजर रंजीव और अपनी घातक प्लाटून के सभी साथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन सभी की प्रेरणा और मार्गदर्शन ने ही उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया है।
रेलवे में कार्यरत हैं पिता
दीपक सिंह बिष्ट रुद्रप्रयाग जिले के दशज्यूला क्षेत्र के कांडई गांव के मूल निवासी हैं। दीपक सिंह बिष्ट ने शिक्षा की शुरुआत सरस्वती शिशु मंदिर, जागतोली से की और कक्षा 10 तक की पढ़ाई राजकीय इंटर कॉलेज, कांडई (दशज्यूला) से पूरी की। दीपक के पिता त्रिलोक सिंह बिष्ट रेलवे में कार्यरत हैं, और माता छोटी देवी एक कुशल गृहणी हैं। बचपन से ही देश की सेवा करने का सपना देखने वाले दीपक ने दिन-रात कड़ी मेहनत कर ये सफलता हासिल की है। दीपक के लेफ्टिनेंट बनने की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव जग्गी कांडई पहुंची, पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई।
विधायक सहित अन्य क्षेत्रीय नेताओं ने दी बधाई
केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि “दीपक सिंह बिष्ट का लेफ्टिनेंट बनना पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। उन्होंने युवाओं के सामने एक नया आदर्श प्रस्तुत किया है। उनकी उपलब्धि भविष्य की पीढ़ियों को प्रेरित करेगी।” जिला पंचायत सदस्य सारी क्षेत्र, जयवर्धन कांडपाल ने कहा कि दीपक की यह सफलता क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा, “दीपक ने साबित किया है कि कठिन परिश्रम, धैर्य और दृढ़ इच्छाशक्ति से हर चुनौती पर विजय पाई जा सकती है।” जग्गी कांडई गांव की ग्राम प्रधान, अंजली देवी ने कहा, “हमारे छोटे से गांव का एक युवक सेना में अधिकारी बने — यह हर घर के लिए गौरव का विषय है।”