उत्तराखंड टिहरी गढ़वाल5 youths from Uttarakhand died in Goa nightclub fire

Goa Nightclub Fire: भीषण अग्निकांड में 25 लोगों की दर्दनाक मौत, उत्तराखंड के 5 युवक भी हुए शिकार

Goa Nightclub Fire में 25 लोगों की दर्दनाक मौत हुई जिनमें पांच युवक उत्तराखंड के भी शामिल हैं। मृतकों में उत्तराखंड के निवासियों की पहचान में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है..

Goa nightclub fire: 5 youths from Uttarakhand died in Goa nightclub fire
Image: 5 youths from Uttarakhand died in Goa nightclub fire (Source: Social Media)

टिहरी गढ़वाल: गोवा के अर्पोरा क्षेत्र में स्थित मशहूर Birch by Romeo Lane नाइटक्लब में शनिवार देर रात लगी भीषण आग ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हादसे में कुल 25 लोगों की जान गई, जिनमें पांच युवा कर्मचारी उत्तराखंड के निवासी हैं। इस घटना के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया है।

5 youths from Uttarakhand died in Goa nightclub fire

जानकारी के अनुसार बीते शनिवार रात करीब 11:45 बजे गोवा के प्रसिद्ध Birch by Romeo Lane नाइटक्लब के पहले माले पर भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि आग इनडोर पटाखों से शुरू हुई और लकड़ी से बने फर्नीचर के कारण तेजी से फैल गई। धुआँ फैलने के बाद लोग घबरा गए और कई स्टाफ सदस्य नीचे बने संकरे हिस्सों में फंस गए, जहां दम घुटने से अधिकांश की मौत हुई। क्लब में आग लगने के कुछ देर बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची, टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाई। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी, पूरा क्लब जलकर खाक हो चुका था। इस हादसे में करीब 25 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में पर्यटक तथा क्लब के लगभग 20 स्टाफ सदस्य शामिल हैं। हादसे में कई लोग घायल भी हुए, जिन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

उत्तराखंड के 5 युवकों की मौत

अधिकारियों के अनुसार, इस भीषण अग्निकांड हादसे में 25 लोगों की दर्दनाक मौत हुई जिनमें पांच युवक उत्तराखंड के भी शामिल हैं। ये सभी युवक Birch by Romeo Lane नाइटक्लब में कर्मचारी थे। मृतकों में उत्तराखंड के निवासियों की पहचान में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। बताया जा रहा है मृतकों में से अधिकतर की मौत स्मोक इनहेलेशन से हुई। गोवा नाइटक्लब में हुए इस भीषण अग्निकांड हादसे में उत्तराखंड के जो पांच युवकों की मौत हो गई थी, उनमें जितेंद्र सिंह और सतीश सिंह, निवासी टिहरी गढ़वाल, मनीष सिंह, निवासी चंपावत, और सुमित नेगी और सुरेंद्र सिंह उत्तराखंड (विवरण प्रतीक्षित) के निवासी थे। मृतकों के परिजनों को इस हादसे की सूचना मिलते ही उनमें कोहराम मच गया है। परिजनों ने बच्चों को सुरक्षित कार्यस्थल न मिलने पर गहरी नाराजगी जताई है। राज्य सरकार पीड़ित परिवारों से संपर्क में है और पार्थिव शरीरों को लाने की तैयारी की जा रही है।

प्रारंभिक जांच में पाई गई कई गड़बड़ियां

इस घटना की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि क्लब में आतिशबाज़ी के दौरान आग लगी। क्लब की बिल्डिंग और फर्नीचर अधिकतर जामिनी (wooden / flammable) सामग्री के होने के कारण आग तीव्रता से फ़ैल गई। इसके अलावा क्लब के पास फायर NOC नहीं था, आपातकालीन निकास बेहद सीमित थे और भवन नियमों का उल्लंघन किया गया था। क्लब विवादित भूमि पर बना था और इसके खिलाफ पहले से ही कार्रवाई लंबित बताई जा रही है। पुलिस द्वारा क्लब के जनरल मैनेजर को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं क्लब का मालिक फिहाल फरार है, उसके खिलाफ वॉरंट जारी किया गया है। इस मामले में तीन सरकारी अधिकारियों को भी निलंबित किया गया है। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने इस अग्निकांड मामले में मेजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।