नैनीताल: केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को बड़ी और महत्त्वपूर्ण सौगात दी है। हल्द्वानी से हरिद्वार के बीच प्रस्तावित एलिवेटेड रोड परियोजना को मंजूरी मिल गई है। इससे दोनों शहरों के बीच की यात्रा का समय लगभग आधा हो जाएगा। वर्तमान में जहां यह दूरी तय करने में लगभग पांच घंटे लगते हैं, वहीं एलिवेटेड रोड बनने के बाद यह सफर सिर्फ ढाई घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
Central Govt approves Haridwar-Haldwani elevated road
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने परियोजना के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। डीपीआर तैयार होते ही निर्माण कार्य के लिए टेंडर जारी कर दिए जाएंगे। यह परियोजना न केवल हल्द्वानी और हरिद्वार के बीच आवागमन को सुगम बनाएगी बल्कि संपूर्ण कुमाऊं क्षेत्र के लोगों के लिए यह राहत और विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी।
सांसद अजय भट्ट ने दी जानकारी
नैनीताल–ऊधम सिंह नगर के सांसद अजय भट्ट ने जानकारी दी कि इस महत्वाकांक्षी एलिवेटेड रोड को केंद्र स्तर पर मंजूरी मिल चुकी है। उनके अनुसार, यह परियोजना कुमाऊं मंडल के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगी। सड़क बनने के बाद यातायात दबाव कम होगा, यात्रा समय घटेगा और पर्यटकों के लिए भी आवागमन आसान बनेगा। इसके साथ ही लालकुआं बाईपास निर्माण को भी मंजूरी मिल चुकी है। बाईपास की डीपीआर तैयार करने के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। बाईपास बन जाने से लालकुआं में लगातार बढ़ रहा यातायात दबाव कम होगा और वाहनों की आवाजाही पहले की तुलना में काफी सहज हो जाएगी।
कुमायूं में बढ़ेगा धार्मिक पर्यटन
एलिवेटेड रोड और बाईपास परियोजनाएं पूरे कुमाऊं क्षेत्र को सीधे तौर पर लाभ पहुंचाएँगी। इससे धार्मिक स्थलों तक पहुँच आसान होगी, पर्यटकों का आगमन बढ़ेगा, व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी और सड़क दुर्घटनाओं और जाम की समस्या में कमी आएगी। हल्द्वानी से हरिद्वार तक की लगभग 288 किलोमीटर की दूरी वर्तमान में यूएस नगर, नजीमाबाद और बिजनौर होते हुए तय की जाती है, जिसमें कई स्थानों पर जाम की समस्या बनी रहती है। एलिवेटेड रोड बनने के बाद यह मार्ग न केवल तेज होगा बल्कि अत्यंत सुरक्षित और यात्री–अनुकूल भी बनेगा।