उत्तरकाशी: उत्तराखंड में अक्सर से देवी-देवताओं से जुड़े अनोखे मामले उजागर होते रहते हैं, ऐसा ही एक नया मामला सामने आया है। इस मामले ने सभी को चौंका दिया है। यहां चिणाखोली गांव के सेमनागराजा मंदिर में दानपात्र और देवता की मूर्ति चोरी होने के बाद ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से नागराजा की देवडोली की मदद लेने का निर्णय लिया। जिसके बाद नागराजा की देवडोली के दिए गए संकेत पर ग्रामीणों को चोरी की गई मूर्ती और दानपात्र वापस मिल गया
Dev Doli Leads to Temple Theft Breakthrough
जानकारी के अनुसार उत्तरकाशी जिले में स्थित चिणाखोली गांव में दो अज्ञात युवक पहुंचे। उन्होंने मंदिर के पुजारी विकेश सेमवाल से बातचीत कर गांव और मंदिर के बारे में विस्तृत जानकारी ली। उस दिन गांव में शादी समारोह था, इसलिए लोगों की आवाजाही अधिक थी। उनसे बातचीत करने के बाद पुजारी अपने घर लौट गए। शाम को जब दूल्हा–दुल्हन पूजा करने के लिए मंदिर पहुंचे और उसके बाद पुजारी दोबारा मंदिर आए, तो उन्होंने पाया कि मंदिर का दरवाजा टूटा हुआ है। अंदर देखकर पता चला कि दानपात्र और नागराजा की मूर्ति दोनों चोरी हो चुके थे। घटना की सूचना ग्रामीणों ने तुरंत नगर कोतवाली में दी। पुलिस ने उसी दिन गांव आए दोनों संदिग्ध युवकों को हिरासत में ले लिया, मगर उनके पास कोई चोरी का सामान नहीं मिला, जिससे जांच और मुश्किल हो गई थी।
डोली के संकेत पर मिला चोरी हुआ सामान
इस बीच चिणाखोली गांव के निवासियों की आस्था के अनुसार नागराजा की देवडोली को बुलाया गया। देवडोली ने अनुष्ठान के दौरान कुछ दिशाओं और स्थानों की ओर संकेत किया। इसके बाद देवडोली को ग्रामीण कोतवाली भी लेकर पहुंचे, जहाँ भी उसने कुछ व्यक्तियों की ओर इशारा किया। देवडोली के बताए गए स्थान पर ग्रामीणों और पुलिस ने मिलकर तलाशी अभियान चलाया। कुछ देर ढूँढने के बाद गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर झाड़ियों में चोरी हुआ दानपात्र और देवता की मूर्ति बरामद कर ली गई। इससे मामले की जांच को नई दिशा मिली है।
पुलिस जांच जारी
नगर कोतवाल भावना कैंथोला ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत पर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने बताया कि सेमनागराजा मंदिर से चोरी हुई मूर्ती और दानपात्र की बरामदगी देवडोली के बताए स्थान से हुई है और जांच कई बिंदुओं पर की जा रही है। घटना का विडियो देखिये...