उत्तराखंड नैनीतालAmbulance Stuck in Uttarakhand Traffic Jam

Uttarakhand: ट्रक की चाबी नदी में फेंकी, लगा भीषण जाम.. एंबुलेंस में मरीज जिंदगी-मौत के बीच जूझता रहा

कालाढूंगी के चकलुवा वैली ब्रिज पर ट्रक रुकने से भीषण जाम लग गया, जिसमें गंभीर मरीज को ले जा रही 108 एंबुलेंस फंस गई। पुलिस-प्रशासन समय पर नहीं पहुंचा, आखिरकार स्थानीय लोगों ने खुद जाम खुलवाकर एंबुलेंस को रवाना कराया।

108 ambulance stuck: Ambulance Stuck in Uttarakhand Traffic Jam
Image: Ambulance Stuck in Uttarakhand Traffic Jam (Source: Social Media)

नैनीताल: नैनीताल जिले के कालाढूंगी क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब चकलुवा वैली ब्रिज पर अचानक लगे भीषण जाम में मरीज को लेकर जा रही 108 एंबुलेंस फंस गई। एंबुलेंस में मौजूद मरीज की हालत गंभीर बताई जा रही थी और समय पर अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी था, लेकिन ट्रैफिक जाम के कारण एंबुलेंस काफी देर तक पुल पर ही खड़ी रही। इस दौरान मरीज की जान पर खतरा बढ़ता गया।

Ambulance Stuck in Uttarakhand Traffic Jam

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चकलुवा वैली ब्रिज के बीचों-बीच एक घटना के बाद हालात बिगड़ गए। बताया जा रहा है कि एक कार सवार ने कथित रूप से ट्रक की चाबी पुल से नीचे फेंक दी, जिससे ट्रक अचानक सड़क पर ही खड़ा हो गया। ट्रक के रुकते ही दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई और कुछ ही मिनटों में यातायात पूरी तरह जाम हो गया।

जिंदगी-मौत से जूझता रहा मरीज

इसी जाम में मरीज को अस्पताल ले जा रही 108 एंबुलेंस भी फंस गई। एंबुलेंस का रास्ता न खुलने से मरीज की स्थिति और चिंताजनक हो गई। लोगों का कहना है कि आपातकालीन सेवा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए थी, लेकिन जाम के कारण एंबुलेंस को आगे बढ़ने का मौका नहीं मिला। घटना के दौरान सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि मौके पर न तो पुलिसकर्मी मौजूद थे और न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी तुरंत पहुंच पाया। स्थिति बिगड़ती देख स्थानीय लोग और राहगीर खुद आगे आए। लोगों ने वाहनों को इधर-उधर कर काफी मशक्कत के बाद धीरे-धीरे यातायात को सुचारू किया, तब जाकर एंबुलेंस को आगे निकलने का रास्ता मिला।

प्रशासन की गैरमौजूदगी पर भड़के लोग

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में शासन-प्रशासन की अनुपस्थिति को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना था कि यदि समय रहते पुलिस या ट्रैफिक टीम मौके पर पहुंच जाती, तो एंबुलेंस को इतनी देर जाम में नहीं फंसना पड़ता और मरीज की जान खतरे में न पड़ती। स्थानीय लोगों ने चकलुवा वैली ब्रिज जैसे संवेदनशील स्थानों पर स्थायी पुलिस तैनाती, ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और आपातकालीन वाहनों के लिए ग्रीन कॉरिडोर जैसी व्यवस्था की मांग उठाई है। उनका कहना है कि यह मार्ग पहले से ही दुर्घटनाओं और जाम के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है, ऐसे में छोटी लापरवाही भी किसी की जान पर भारी पड़ सकती है।

घटना ने दिखा दी सिस्टम की कमजोरी

चकलुवा वैली ब्रिज पर हुआ यह मामला सिर्फ ट्रैफिक जाम नहीं, बल्कि आपातकालीन सेवाओं और प्रशासनिक तैयारियों की एक बड़ी परीक्षा बन गया। लोगों की तत्परता से एंबुलेंस को रास्ता तो मिल गया, लेकिन सवाल यह है कि ऐसी स्थिति में जिम्मेदार तंत्र समय पर क्यों नहीं पहुंच पाया।

ये भी पढ़ें: