उधमसिंह नगर: उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने 33 लाख रुपये की स्मैक के साथ एक नाबालिग किशोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में किशोर ने ऐसा खुलासा किया जिसने सभी को हैरान कर दिया।
Minor has been arrested with 33 lakh worth of smack
नाबालिग के अनुसार, यह तस्करी वह अपने माता-पिता के कहने पर कर रहा था और उसे स्मैक किसी व्यक्ति को सौंपने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस ने किशोर को संरक्षण में लेते हुए आरोपी माता-पिता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। गदरपुर कोतवाली पुलिस और एसटीएफ कुमाऊं यूनिट की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने क्षेत्र में सघन वाहन चेकिंग के दौरान यह कार्रवाई की। संयुक्त टीम ने एक स्कूटी सवार किशोर को रोका और तलाशी लेने पर स्कूटी की डिग्गी से 112.3 ग्राम स्मैक बरामद की गई। बरामद स्मैक की कीमत करीब 33 लाख रुपये बताई जा रही है।
चेकिंग में घबराया किशोर, शक होने पर हुई तलाशी
एसएसपी मणिकांत मिश्रा के अनुसार, शनिवार देर शाम गदरपुर क्षेत्र में पुलिस और एसटीएफ की टीम संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान चला रही थी। करतारपुर रोड तिराहे की पुलिया के पास स्कूटी सवार किशोर को रोका गया तो वह अचानक घबरा गया। किशोर के व्यवहार पर संदेह होने के बाद पुलिस ने तलाशी ली और उसके पास से स्मैक बरामद कर ली।
आरोपी माता-पिता कराते थे तस्करी
पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि उसे यह स्मैक उसके माता-पिता ने दी थी। साथ ही उसे निर्देश दिए गए थे कि पुलिया के पास खड़े एक व्यक्ति को यह नशीला पदार्थ सौंप देना है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि किशोर से लगातार इसी तरह तस्करी कराई जा रही थी, जिससे पूरा मामला और गंभीर हो गया।
धारा 95 में दर्ज हुआ जिले का पहला केस
पुलिस ने नाबालिग को संरक्षण में लेते हुए आरोपी माता-पिता के खिलाफ बीएनएस की धारा 95 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह उधम सिंह नगर जिले में इस धारा के तहत पहला केस माना जा रहा है। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
नशे के खिलाफ अभियान तेज
पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी स्तर पर क्यों न हो।