उत्तराखंड देहरादूनUKSSSC Disqualifies 204 Candidates Absent During Certificate Verification

UKSSSC: प्रमाणपत्र सत्यापन में 204 अभ्यर्थी रहे अनुपस्थित, आयोग ने किया भर्ती से बाहर

यूकेएसएसएससी ने प्रमाणपत्र सत्यापन में अनुपस्थित रहने वाले 204 अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया है। आयोग ने 1141 अभ्यर्थियों को बुलाया था, जिनमें से 937 ही उपस्थित हुए।

UKSSSC recruitment news: UKSSSC Disqualifies 204 Candidates Absent During Certificate Verification
Image: UKSSSC Disqualifies 204 Candidates Absent During Certificate Verification (Source: Social Media)

देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने भर्ती प्रक्रिया में बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रमाणपत्रों की जांच (डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन) में उपस्थित न होने वाले 204 अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया है। ये सभी अभ्यर्थी इससे पहले लिखित परीक्षा और टाइपिंग टेस्ट उत्तीर्ण कर चुके थे, लेकिन अंतिम चरण में अनुपस्थित रहने के कारण उनका चयन रद्द कर दिया गया।

UKSSSC Disqualifies 204 Candidates Absent During Certificate Verification

आयोग के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल के अनुसार, अभिलेख सत्यापन के लिए कुल 1141 अभ्यर्थियों को आमंत्रित किया गया था। जिनमें से 937 अभ्यर्थी तय समय पर सत्यापन के लिए पहुंचे, जबकि 204 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
अनुपस्थिति के आधार पर आयोग ने स्पष्ट किया कि इन सभी 204 अभ्यर्थियों को अब भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है। यह भर्ती प्रक्रिया विभिन्न विभागों में समूह-ग (Group-C) के अंतर्गत डाटा एंट्री ऑपरेटर, कनिष्ठ सहायक, कंप्यूटर सहायक, स्वागती, मेट, कार्यपर्यवेक्षक, आवास निरीक्षक के पदों के लिए आयोजित की गई थी। इन सभी पदों के लिए 19 जनवरी 2025 को लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी।

टाइपिंग टेस्ट और मेरिट लिस्ट का क्रम

28 मार्च 2025: टाइपिंग टेस्ट के लिए मेरिट लिस्ट जारी
18 अगस्त से 5 सितंबर 2025: टाइपिंग टेस्ट आयोजित
27 नवंबर 2025: अभिलेख सत्यापन के लिए सूची जारी
इसके बाद आयोग ने 1 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 के बीच प्रमाणपत्रों की जांच कराई।

अंतिम मौका देने के बाद भी नहीं पहुंचे

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि जो अभ्यर्थी अपरिहार्य कारणों से तय तिथि पर उपस्थित नहीं हो पाए थे, उन्हें 1 जनवरी 2026 को अंतिम अवसर दिया गया था। इसके बावजूद जो 204 अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए, उन्हें नियमों के तहत अयोग्य घोषित कर दिया गया।

आयोग का स्पष्ट संदेश

यूकेएसएसएससी ने साफ किया है कि भर्ती प्रक्रिया में सभी चरण अनिवार्य होते हैं और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
प्रमाणपत्र सत्यापन अंतिम और महत्वपूर्ण चरण होता है, जिसमें अनुपस्थिति सीधे तौर पर भर्ती से बाहर होने का कारण बनती है।