उत्तराखंड उधमसिंह नगरThree Youth Die After School Bus Collision in Uttarakhand

उत्तराखंड: तेज रफ्तार निजी बस ने छीनी तीन जिंदगियां, चालक फरार.. मचा हडकंप

खटीमा में निजी स्कूल बस की टक्कर से बाइक सवार तीन युवकों की मौत हो गई। हादसे के बाद चालक फरार हो गया, पुलिस शवों को मोर्चरी में रखकर जांच में जुटी है।

Khatima road accident: Three Youth Die After School Bus Collision in Uttarakhand
Image: Three Youth Die After School Bus Collision in Uttarakhand (Source: Social Media)

उधमसिंह नगर: उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के खटीमा क्षेत्र में शुक्रवार शाम एक भीषण सड़क हादसा हो गया। निजी स्कूल बस की टक्कर से बाइक सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद बस चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। घटना से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।

Three Youth Die After School Bus Collision in Uttarakhand

जानकारी के अनुसार, यह हादसा प्रतापपुर नंबर नौ के पास उस वक्त हुआ, जब बाइक सवार युवक झनकट से अपने घर लौट रहे थे। सामने से तेज रफ्तार में आ रही नानकमत्ता स्थित एक निजी स्कूल बस ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को तत्काल खटीमा उप जिला अस्पताल ले जाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

मृतकों की पहचान

देवेंद्र सिंह (24) पुत्र उमेश सिंह
राजेश सिंह (26) पुत्र दर्शन सिंह
राजेश सिंह (34) पुत्र पंचम सिंह
तीनों प्रतापपुर नंबर सात, थाना नानकमत्ता के निवासी थे। बताया गया कि देवेंद्र बाइक चला रहा था। परिजनों के अनुसार, देवेंद्र और राजेश राजमिस्त्री का काम करते थे, जबकि तीसरा युवक मजदूरी करता था। तीनों झनकट से कुछ सामान लेकर वापस लौट रहे थे।

बस चालक फरार, पुलिस जांच में जुटी

प्रतापपुर चौकी प्रभारी राजेंद्र पंत ने बताया कि शवों को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवा दिया गया है और पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि आरोपी बस चालक मौके से फरार हो गया था। पुलिस बस और चालक की तलाश में जुटी हुई है और मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

तेज रफ्तार और लापरवाही बनी जानलेवा

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में निजी बसों की तेज रफ्तार और लापरवाही लगातार हादसों का कारण बन रही है। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खटीमा का यह हादसा तीन परिवारों के लिए कभी न भरने वाला जख्म छोड़ गया। प्रशासन और पुलिस के सामने चुनौती है कि दोषी चालक को जल्द गिरफ्तार कर पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।