उत्तराखंड लालकुआंEssential work stalled due to leave of tehsil officials

उत्तराखंड: अधिकारियों की छुट्टी से ठप पड़े जरूरी काम.. पेंशनर, विधवा-दिव्यांग सब परेशान

लालकुआं तहसील में तहसीलदार और एसडीएम के अवकाश पर होने से पेंशन, विधवा और दिव्यांग प्रमाणपत्र जैसे जरूरी कार्य ठप पड़े हैं। दूरदराज से आए लोग घंटों इंतजार के बाद लौट रहे हैं। जिलाधिकारी ने जांच और समाधान का आश्वासन दिया है।

Uttarakhand Tehsil Mismanagement: Essential work stalled due to leave of tehsil officials
Image: Essential work stalled due to leave of tehsil officials (Source: Social Media)

लालकुआं: उत्तराखंड के सरकारी दप्तरों में फाइलें चलने से ज्यादा छुट्टियां तेजी से आगे बढ़ती हैं, और जनता इंतजार की कतार में खड़ी रह जाती है।" लालकुआं तहसील में भी इन दिनों प्रशासनिक अव्यवस्था चरम पर है। तहसीलदार और एसडीएम के अवकाश पर होने से दिव्यांग पेंशन, विधवा प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं। दूरदराज से आने वाले लोग घंटों इंतजार करने के बाद निराश होकर लौट रहे हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

Administrative Failure Exposed at Lalkuan Tehsil Office

शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे तहसील परिसर में एक मार्मिक दृश्य देखने को मिला। बुजुर्ग बंद लाल अधिकारियों का इंतजार करते-करते थककर जमीन पर बैठ गए। उनके साथ उनका दिव्यांग पुत्र गुरुदेव व्हीलचेयर पर मुख्य गेट की ओर टकटकी लगाए बैठा था। दोनों बाप-बेटे हर आने-जाने वाले से यही पूछ रहे थे—“साहब आए क्या?” लेकिन हर बार जवाब निराशाजनक ही मिला। बंद लाल ने बताया कि वह अपने बेटे की दिव्यांग पेंशन के कागजात जमा करने आए हैं, लेकिन अधिकारी नहीं होने से काम नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि सुबह से बैठे हैं, पर कागज जमा नहीं हो सके।

दो लाख की आबादी प्रभावित

करीब दो लाख की आबादी वाली लालकुआं तहसील पिछले कई दिनों से अधिकारियों की गैरमौजूदगी से प्रभावित है। तहसीलदार 21 फरवरी तक और एसडीएम 2 मार्च तक अवकाश पर बताए जा रहे हैं। एसडीएम के अवकाश के कारण कोर्ट भी नहीं लग पा रही है। तहसीलदार और एसडीएम का प्रभार हल्द्वानी के उपजिलाधिकारी को सौंपा गया है, लेकिन बताया जा रहा है कि हल्द्वानी के एसडीएम भी अवकाश पर हैं। इससे ऑनलाइन प्रमाणपत्र समय पर जारी नहीं हो पा रहे हैं।

समाज कल्याण और अन्य विभागों के काम भी प्रभावित

शुक्रवार को समाज कल्याण विभाग के अधिकारी भी तहसील नहीं पहुंचे, जिससे पेंशन, विधवा, दिव्यांग और स्थायी प्रमाणपत्र से जुड़े कार्य लंबित रहे। ऑफलाइन विद्युत कनेक्शन से जुड़े कार्य भी ठप पड़े हैं।
सहायक समाज कल्याण अधिकारी पूजा ने बताया कि वह नशामुक्ति केंद्र की जांच में व्यस्त थीं और 18 फरवरी को उपस्थित रहेंगी। वहीं ग्राम विकास अधिकारी भी पिछले कई सप्ताह से नियमित रूप से तहसील में नहीं बैठ रही हैं।

सूचना के अभाव में भटक रहे लोग

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अधिकारियों के अवकाश की जानकारी पहले से सार्वजनिक कर दी जाती, तो दूरदराज से आने वाले लोगों को अनावश्यक परेशानी नहीं होती। सूचनापट पर कोई स्पष्ट नोटिस न होने से लोग दिनभर इंतजार कर खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। कई बार कर्मचारियों को भी यह स्पष्ट नहीं होता कि कौन अधिकारी किस दिन उपलब्ध रहेगा।

फरियादियों की पीड़ा

शारदा देवी ने बताया कि वह विधवा प्रमाणपत्र के सत्यापन के लिए कई बार तहसील के चक्कर लगा चुकी हैं, लेकिन अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण काम नहीं हो पा रहा। वहीं बंद लाल ने कहा कि दिव्यांग पुत्र की पेंशन के कागज जमा करने आए थे, लेकिन अधिकारी नहीं मिलने से प्रमाणपत्र जमा नहीं हो पाए।

जिलाधिकारी ने दिया जांच का आश्वासन

ललित मोहन रयाल, जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए कहा कि तहसील में अधिकारियों के नहीं पहुंचने की शिकायत की जांच कराई जाएगी और फरियादियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।