देहरादून: उत्तराखंड में PCS और लोअर PCS परीक्षाओं को लेकर स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। शासन स्तर पर विभागों से रिक्त पदों की जानकारी मांगी जा रही है, लेकिन अधिकांश विभाग अब तक डेटा उपलब्ध नहीं करा पाए हैं। इस कारण भर्ती प्रक्रिया में देरी हो रही है।
Uttarakhand PCS Exams Face Delay Due to Lack of Vacancy Data
राज्य लोक सेवा आयोग (UKPSC) ने 24 सितंबर को जारी अपने कैलेंडर में 17 मई को लोअर PCS प्री और 5 जुलाई को अपर PCS प्री परीक्षा प्रस्तावित की थी। हालांकि यह स्पष्ट किया गया था कि ये परीक्षाएं अधियाचन मिलने पर ही आयोजित होंगी। बाद में 3 फरवरी को जारी नए कैलेंडर में 17 मई की लोअर PCS परीक्षा को हटा दिया गया, जिससे परीक्षाओं को लेकर असमंजस और बढ़ गया।
विभाग नहीं दे रहे रिक्त पदों की जानकारी
कार्मिक विभाग ने 18 मार्च को सभी विभागों को पत्र भेजकर रिक्त पदों की जानकारी मांगी थी, लेकिन अब तक बहुत कम विभागों ने ही जवाब दिया है। अब तक केवल ग्रामीण निर्माण विभाग और गन्ना विकास विभाग ने ही पीसीएस 2026 के लिए जानकारी उपलब्ध कराई है।
सीमित पदों की ही मिली सूचना
विभिन्न विभागों से जो जानकारी मिली है, उसमें शामिल हैं:
डिप्टी कलेक्टर – 1 पद
अधीक्षक कारागार – 1 पद
सहायक श्रमायुक्त – 1 पद
खंड विकास अधिकारी – 5 पद
कुछ विभागों द्वारा भेजे गए अधियाचन में त्रुटियां भी पाई गई हैं, जिन्हें अभी तक सुधारा नहीं गया है।
लोअर PCS में भी वही हाल
लोअर PCS भर्ती के मामले में भी स्थिति बेहतर नहीं है। अभी तक केवल तीन विभागों ने जानकारी दी है:
नायब तहसीलदार – 13 पद
आबकारी इंस्पेक्टर – 4 पद
कर अधिकारी – 5 पद
इससे साफ है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से अटकी हुई है।
युवाओं का बढ़ता इंतजार
भर्ती में देरी के कारण हजारों अभ्यर्थियों का इंतजार लंबा होता जा रहा है। परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं में निराशा और चिंता बढ़ती जा रही है।
सरकार कर रही विकल्प पर विचार
सूत्रों के मुताबिक, कार्मिक विभाग अब इस विकल्प पर विचार कर रहा है कि उपलब्ध पदों के आधार पर ही अधियाचन आयोग को भेज दिया जाए और बाकी पदों का विवरण बाद में जोड़ा जाए। हालांकि अधियाचन भेजे जाने के बाद भी आयोग को भर्ती प्रक्रिया शुरू करने में करीब एक माह का समय लग सकता है।
सरकार की कार्यप्रणाली और समन्वय पर सवाल
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या विभाग समय पर डेटा उपलब्ध कराएंगे या फिर भर्ती प्रक्रिया और लंबी खिंच जाएगी? इस स्थिति ने सरकार की कार्यप्रणाली और समन्वय पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
PCS और लोअर PCS जैसी महत्वपूर्ण भर्तियों में देरी युवाओं के भविष्य पर असर डाल सकती है। ऐसे में जरूरी है कि विभाग जल्द से जल्द समन्वय बनाकर प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं।
ये भी पढ़ें: