उत्तराखंड देहरादूनDehradun Doctor Suicide Case Notice issued to medical college

Tanvi Sucide Case: देहरादून पुलिस का बड़ा एक्शन, कॉलेज को नोटिस.. जानें पूरा मामला

देहरादून में डॉक्टर तन्वी की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। कॉलेज से रिकॉर्ड मांगे गए हैं, CCTV फुटेज खंगाली जा रही है और साथियों से पूछताछ जारी है।

Doctor Tanvi Sucide Case: Dehradun Doctor Suicide Case Notice issued to medical college
Image: Dehradun Doctor Suicide Case Notice issued to medical college (Source: Social Media)

देहरादून: देहरादून में सामने आए डॉक्टर सुसाइड केस ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। 24 मार्च की रात श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज की छात्रा डॉ. तन्वी ने अपनी कार के अंदर इंजेक्शन लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना के बाद परिजनों ने मेडिकल कॉलेज की एचओडी पर गंभीर आरोप लगाए, जिसके चलते मामला और भी संवेदनशील हो गया है। अब पुलिस इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रही है और हर पहलू को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य जुटा रही है।

Dehradun Doctor Suicide Case: Notice issued to the medical college

जांच के तहत पुलिस ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन को नोटिस जारी कर दिया है। इसमें छात्रा के दाखिले से लेकर अब तक की पूरी शैक्षणिक जानकारी मांगी गई है। पुलिस ने डॉ. तन्वी के पीजी परीक्षा परिणाम, एमबीबीएस डिग्री और कॉलेज की विभिन्न गतिविधियों में उनकी भागीदारी से संबंधित सभी दस्तावेज तलब किए हैं। इससे पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि कहीं शैक्षणिक या संस्थागत दबाव इस घटना की वजह तो नहीं था।

सीसीटीवी फुटेज और साथियों से पूछताछ

पुलिस ने घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगालनी शुरू कर दी है। इससे घटना से पहले और बाद की गतिविधियों को समझने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा डॉ. तन्वी के साथी डॉक्टरों को थाने बुलाकर पूछताछ की जा रही है, ताकि उनके मानसिक हालात और व्यवहार से जुड़ी जानकारी सामने आ सके।

एचओडी के बयान दर्ज, आरोपों की जांच जारी

परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस ने संबंधित एचओडी के बयान भी दर्ज किए हैं। पुलिस हर पक्ष को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है, ताकि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की पुष्टि की जा सके।

कॉलेज प्रशासन का बयान

मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. उत्कर्ष शर्मा ने इस मामले में कहा है कि प्रशासन पूरी निष्पक्षता के साथ जांच में सहयोग कर रहा है। उनका कहना है कि सभी तथ्यों का गंभीरता से अध्ययन किया जा रहा है और जांच पूरी होने से पहले किसी पर आरोप लगाना उचित नहीं है। वहीं, ऑप्थल्मोलॉजिकल सोसाइटी ने भी एचओडी के पक्ष में बयान जारी किया है।

पुलिस का आश्वासन: निष्पक्ष जांच होगी

सीओ सदर अंकित कंडारी के अनुसार, पुलिस इस मामले में हर पहलू से जांच कर रही है। मेडिकल कॉलेज से प्राप्त होने वाली जानकारी, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और सच्चाई सामने लाने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।
यह मामला केवल एक आत्महत्या का नहीं, बल्कि संभावित मानसिक दबाव, संस्थागत वातावरण और व्यक्तिगत परिस्थितियों से जुड़ा गंभीर विषय बन गया है। अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि इस दुखद घटना के पीछे असल कारण क्या थे।