अल्मोड़ा: उत्तराखंड में रिश्वतखोरी की खबरें आम हो चुकी हैं। परीक्षा से पहले पेपर लीक के नाम पर रिश्वतखोरी, कभी सड़क बनवाने के लिए रिश्वततखोरी, कभी गैस, बिजली, जमीन के पट्टे के लिए रिश्वतखोरी।
Forest Inspector Naveen Nautiyal was arrested in Almora
सवाल ये है कि क्या देवभूमि रिश्वतखोरों के जाल में कैद हो कर रह गई है? अब जो खबर सामने आई है वो कुमाऊं से है। दरअसल कुमाऊं के वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय में तैनात एक वन दरोगा ने 25,500 रुपये के लिए अपना ईमान बेच दिया। हल्द्वानी से विजिलेंस की टीम ने छापा मारकर वन दरोगा को रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। आगे पढ़िए
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वन दरोगा नवीन नौटियाल ने पीड़ित से एक काम के बदले 25,500 रुपये की रिश्वत मांगी थी। पीड़ित ने विजिलेंस को जानकारी दी कि लीसा गड़ान-ढुलान के काम के लिए कुछ बिल पेंडिंग पड़े थे। इन बिलों के भुगतान के लिए वन दरोगा ने पीड़ित से 25,500 की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस की टीम ने जाल बिछाया। इसके बाद वन दरोगा नवीन नौटियाल को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।